24 news Update जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर व बीकानेर मंडल क्षेत्राधिकार के सांसदों की मंडलीय समिति की बैठक 4 सितम्बर को उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय में आयोजित हुई। बैठक में 11 सांसदों ने भाग लेकर यात्री सुविधाओं और रेल परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव साझा किए।बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, सांसद मंजू शर्मा, राव राजेन्द्र सिंह, घनश्याम तिवाड़ी, धर्मबीर सिंह, अमरा राम, मुरारी लाल मीणा, कुलदीप इंदौरा, राहुल कास्वां, हरीश चन्द्र मीणा और बृजेन्द्र सिंह ओला शामिल हुए।महाप्रबंधक अमिताभ ने सांसदों का स्वागत करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए राजस्थान में रेलवे कार्यों हेतु रिकॉर्ड 9,960 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। उन्होंने रेलवे की चल रही परियोजनाओं, विद्युतीकरण, कवच प्रणाली, यात्री सुविधाओं और स्टेशन पुनर्विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी साझा की। उप महाप्रबंधक शशांक ने कार्य निष्पादन, निर्माण परियोजनाओं और उपलब्धियों पर प्रेजेंटेशन दिया।बैठक में सांसदों ने नई ट्रेनों की शुरुआत, विस्तार व फेरों में बढ़ोतरी, डेमू ट्रेन संचालन, ठहराव बढ़ाने, समय-सारणी में सुधार, स्टेशन पुनर्विकास, सफाई व्यवस्था, फुटओवर ब्रिज, लिफ्ट-एस्केलेटर, टिकट काउंटर और वरिष्ठ नागरिक व दिव्यांगजन के लिए विशेष सुविधाओं पर अपने सुझाव दिए। राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि पिछले वर्षों में रेलवे कार्यों और यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। सफाई व्यवस्था और यात्री सुविधाओं में आए बदलाव की उन्होंने विशेष प्रशंसा की और लंबित समस्याओं के त्वरित समाधान की अपेक्षा जताई।बैठक में उत्तर पश्चिम रेलवे के अपर महाप्रबंधक अशोक माहेश्वरी सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष और अधिकारी भी उपस्थित रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation हाईकोर्ट से नरेश मीणा को राहत, अदालत का सवाल– क्या विरोध करना भी जुर्म है? राजस्थान में हर दिन औसतन 16 दुष्कर्म के मामले, छह माह में 2966 दुष्कर्म के मामले, सबसे ज्यादा अलवर-गंगानगर में; 392 केस अब भी लंबित