24 News Update जयपुर। राजस्थान में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। जनवरी से जून 2025 के बीच प्रदेशभर में 2966 दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए। यानी हर दिन औसतन 16 महिलाएं दुष्कर्म की शिकार बनीं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इनमें से 1387 मामलों में चालान पेश किया गया, 1187 मामलों को एफआर (फाइनल रिपोर्ट) में बंद किया गया और 392 मामले अब भी लंबित हैं।सबसे ज्यादा मामलेप्रदेश में दुष्कर्म के सबसे अधिक मामले बड़े जिलों से सामने आए।अलवर (143), गंगानगर (128), अजमेर (111), जयपुर पूर्व (101), जयपुर दक्षिण (99), बीकानेर (98), धौलपुर (96), उदयपुर (88) और सीकर (85) – ये नौ जिले ही मिलकर कुल मामलों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा रखते हैं।सबसे कम प्रभावित जिलेदूसरी ओर छोटे और सीमावर्ती जिलों में केस अपेक्षाकृत कम दर्ज हुए। जैसलमेर (9), खैरथल-तिजारा (18), सलुम्बर (20), फलोदी (21) और कोटा ग्रामीण (23) सबसे कम प्रभावित रहे। पेंडिंग मामलों का हालसबसे ज्यादा पेंडिंग केस जयपुर दक्षिण (33), भीलवाड़ा (22), अजमेर (14), सीकर (14), नागौर (14) और उदयपुर (19) में दर्ज हैं। वहीं जैसलमेर, बूंदी और कोटा ग्रामीण जैसे जिलों में लगभग सभी मामलों का निस्तारण कर लिया गया है। कुल मिलाकर लगभग 13% मामले अभी भी लंबित हैं।चालान और एफआरदर्ज किए गए मामलों में से 46% केसों में चालान पेश हुआ यानी जांच पूरी कर अदालत तक भेजा गया। वहीं 40% मामलों में एफआर लगाकर पुलिस ने फाइल बंद कर दी। शेष 392 केस (13%) पेंडिंग हैं, जो जांच व न्यायिक प्रक्रिया की धीमी रफ्तार को दर्शाते हैं। आकड़े साफ बताते हैं कि राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की दर बेहद गंभीर है। हर दिन औसतन 16 नए मामले दर्ज होना कानून व्यवस्था और समाज दोनों के लिए बड़ी चुनौती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पेंडिंग मामलों का जल्द निस्तारण और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उत्तर पश्चिम रेलवे की मंडलीय समिति बैठक में सांसदों ने दिए सुझाव, रेल बजट से विकास को मिलेगी गति राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर की मां का निधन, कल होगा अंतिम संस्कार