भूपालसागर (अरविंद गर्ग)। कपासन विधानसभा क्षेत्र के इतिहास में सुनहरी इबारत के रूप में दर्ज हो गया है। यह कहानी राजनैतिक इच्छाशक्ति और एक निस्वार्थ कार्यकर्ता के अटूट सामंजस्य की है। जब विधायक अर्जुन लाल जीनगर के ‘बिना साफे’ के संकल्प को सिन्डेसर निवासी रामचंद्र जाट के पसीने का साथ मिला, तो सीमाओं के अवरोध टूट गए और बनास का अमृत पानी डीके (DK) व बीएस (BS) फीडर के जरिए क्षेत्र के तालाबों तक पहुँच गया। विधायक की प्रतिज्ञा: “जब तक पानी नहीं, तब तक साफा नहीं” विधायक अर्जुन लाल जीनगर ने धमाना के सुप्रसिद्ध रणछोड़ राय जी मंदिर में एक कठिन सौगंध खाई थी— जब तक कपासन, भूपालसागर, धमाना, डिंडोली, सिंहपुर और तुम्बडिया के तालाबों में बनास का पानी नहीं पहुँचता, वे साफा धारण नहीं करेंगे। इस राजनैतिक संकल्प को धरातल पर उतारने का बीड़ा सिन्डेसर के रामचंद्र जाट ने उठाया। रामचंद्र जाट: संकट के समय बने विधायक के ‘सारथी’ इस मिशन में रामचंद्र जाट ने एक साधारण कार्यकर्ता से ऊपर उठकर ‘सारथी’ की भूमिका निभाई। जब डीके फीडर के मुहाने पर राजसमंद के जितावास, बामनिया कला और पछमता क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर भारी विरोध हुआ, तब रामचंद्र ने अपनी जान जोखिम में डालकर मोर्चा संभाला। रात भर का पहरा: कड़कती रातों में पानी की दिशा मोड़ने के लिए वे खुद जलधारा में उतरे। कूटनीति से समाधान: सिन्डेसर का स्थानीय निवासी होने के नाते उन्होंने विरोध कर रहे लोगों से समझाइश की और फीडर के अवरोध हटवाए। 25 करोड़ का बजट और वर्तमान चुनौतियां राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत 25 करोड़ रुपये के बजट से डीके और बीएस फीडर की मरम्मत और नहर पर पुलिया निर्माण का कार्य जारी है। रामचंद्र के प्रयासों से तीन महत्वपूर्ण पुलियों पर छत डालने का कार्य पूर्ण हो चुका है। हालांकि, वर्तमान में नहर की पीचिंग और सोलिंग कार्य में जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का गतिरोध बना हुआ है। जाट ने बताया कि किसानों की जायज मांगों को लेकर भी प्रयास किए जा रहे हैं। सम्मान: उपखंड से राज्य स्तर तक की उठती मांग रामचंद्र जाट के इस अद्वितीय साहस के लिए उन्हें 26 जनवरी 2026 को कपासन उपखंड स्तर पर सम्मानित किया गया। हाल ही में सुरजपुरा में आयोजित कवि सम्मेलन में पूर्व विधायक एवं डेयरी चेयरमैन बद्री लाल जाट ने उन्हें साफा पहनाकर सम्मानित किया। अब क्षेत्र के किसानों की पुरजोर मांग है कि ऐसे समाजसेवी को राज्य स्तरीय सम्मान मिलना चाहिए। जनता की आवाज : “रेलमगरा तहसील के होते हुए भी रामचंद्र जी ने कपासन के किसानों के लिए जो विरोध झेला, वह सराहनीय है। जनता उनकी आभारी है।” — राजेन्द्र जाट (उपाध्यक्ष, जाशमा अनोपपुरा सहकारी समिति) “आज हमारे कुओं में पानी है तो यह रामचंद्र जी की मेहनत है। उन्होंने औरों के लिए जीवनदान का काम किया है।” — कालुराम जाट (अध्यक्ष, अखिल मेवाड़ जाट समाज, मातृकुण्डिया) “तालाबों को लबालब करने के विधायक जी के सपने को रामचंद्र जैसे सारथी ने ही पूरा किया है।” — सुरेश चन्द्र गाडरी (पूर्व उपसरपंच व पंचायत समिति सदस्य) Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अफीम डोडों ने खोले किसानों के भाग!!! 8 करोड़ से ज्यादा का भुगतान