उदयपुर। बैंकिंग एवं व्यावसायिक अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष एवं बीबीए संयोजक डॉ. शैलेन्द्र सिंह राव ने बताया कि मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के वाणिज्य भवन स्थित बीबीए विभाग में विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के उद्देश्य से ‘Demystifying Cryptocurrency’ विषय पर एक इंटरैक्टिव व्याख्यान का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में वित्तीय क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के बीच विद्यार्थियों के लिए क्रिप्टोकरेंसी, डिजिटल करेंसी एवं ब्लॉकचेन जैसी नई अवधारणाओं को समझना अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर वाणिज्य महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. शूरवीर सिंह भाणावत ने विद्यार्थियों को ‘Demystifying Cryptocurrency’ विषय पर विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। उन्होंने क्रिप्टोकरेंसी की अवधारणा, इसकी कार्यप्रणाली, ब्लॉकचेन तकनीक तथा इसके विभिन्न अवसरों एवं चुनौतियों के बारे में विद्यार्थियों को सरल, व्यावहारिक एवं उदाहरणों के माध्यम से जानकारी प्रदान की। प्रो. भाणावत ने अपने व्याख्यान में क्रिप्टोकरेंसी के महत्व पर विशेष रूप से प्रकाश डालते हुए बताया कि वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रभाव के साथ क्रिप्टोकरेंसी एवं ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों को समझना भविष्य के व्यवसाय एवं वित्तीय निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने क्रिप्टोकरेंसी की शुरुआत के पीछे जिम्मेदार विभिन्न कारकों, जैसे पारंपरिक वित्तीय प्रणाली की सीमाएं, विकेंद्रीकृत वित्तीय व्यवस्था की आवश्यकता, डिजिटल लेन-देन में बढ़ती रुचि, तकनीकी नवाचार तथा वैश्विक स्तर पर वैकल्पिक वित्तीय माध्यमों की खोज आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यवसाय एवं सरकारी क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लाभों से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि AI के माध्यम से व्यवसायों में डेटा विश्लेषण, निर्णय लेने की प्रक्रिया, ग्राहक सेवाओं, ऑटोमेशन, जोखिम प्रबंधन एवं उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है। इसी प्रकार सरकारी क्षेत्र में AI का उपयोग प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने, सेवाओं की बेहतर डिलीवरी, बड़े पैमाने पर डेटा के विश्लेषण तथा नीति निर्माण में किया जा सकता है। प्रो. भाणावत ने विश्व अर्थव्यवस्था के भविष्य में AI की भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वैश्विक आर्थिक गतिविधियों, रोजगार के स्वरूप, व्यापार, उत्पादन एवं नवाचार को व्यापक रूप से प्रभावित करेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलती तकनीकी एवं आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने तथा नई तकनीकों की समझ विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में 100 से अधिक बीबीए विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इंटरैक्टिव सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने क्रिप्टोकरेंसी, ब्लॉकचेन, AI एवं डिजिटल वित्त से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका प्रो. भाणावत ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया। इस दौरान विद्यार्थियों को डिजिटल वित्त के बदलते स्वरूप तथा वित्तीय एवं व्यावसायिक क्षेत्र में उभरती नई तकनीकों की व्यापक एवं समसामयिक समझ प्राप्त हुई। व्याख्यान में संकाय सदस्य डॉ. ओ.पी. जैन, डॉ. मोनिका याज्ञिक, डॉ. आभा तोष्णीवाल, डॉ. निधि बजाज, डॉ. शिल्पा भाणावत, डॉ .ज्योत्सना कस्तूरी,डॉ. प्रियंका शाह, डॉ. सुरेन्द्र दाहिमा एवं डॉ. मुकेश भाकर उपस्थित रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री सर्च या शेयर करना भी अपराध, राजस्थान साइबर पुलिस की सख्त चेतावनी आओ फिर से दिया जलाएं : भाजपा उदयपुर संभाग पंचायत समिति प्रभारियों की घोषणा, दिखे कुछ निकाय चुनावों में भुला दिए गए नाम…देखें किसको मिली कहां की कमान