24 News Update उदयपुर। सरकारी जमीनों पर सरकारी सिस्टम की दीमकों से सांठगांठ कर बाउंड्रीवाल खींचकर और निर्माण खड़े कर भूखंड बेचने की तैयारी कर रहे कब्जाधारियों के खिलाफ गुरुवार को उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। डांगियों की पंचोली क्षेत्र में प्राधिकरण ने भारी पुलिस जाब्ते और मशीनरी के साथ अभियान चलाकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई में करीब 150 करोड़ रुपए मूल्य की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। यूडीए अधिकारियों के अनुसार राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज सरकारी भूमि पर कुछ लोगों द्वारा हाल ही में तेजी से निर्माण कार्य किए जा रहे थे। पहले भी निर्माण रोकने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन संबंधित लोग राजकीय अवकाश और निगरानी की कमी का फायदा उठाकर निर्माण आगे बढ़ाते रहे। इसके बाद प्राधिकरण ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए नोटिस जारी किए और सुनवाई के अवसर प्रदान किए। बड़ा सवाल ये है कि बिना सरकारी दीमकों के सपोर्ट के ये हो ही नहीं सकता कि बाउंडरी वॉल खिंच जाए व निर्माण हो जाए। इस मामले में एक बार फिर सिस्टम ने उनको बचा लिया जो वास्तव में दोषी हैं। क्योंकि इन्होंने पैसे खाकर ये निर्माण होने दिए। अब ध्वस्त हुए तो ये बच निकले। बाउंडरी बनाने वालों को भी पहले से पता था कि अवैध है मगर दीमकों के आश्वासनों व झांसों में आकर वे करोडों का खुद का नुकसान कर बैठै। याने सिस्टम सच जानता है मगर हर बार नौटंकी करते हुए वही बार बार दोहराता है। फिर कहीं अवैध निर्माण सरकारी दीमक करवाएंगे व बच निकलेंगे व सिलसिला चलता रहेगा। केवल नोटिस दिया था, नहीं माने अवकाश के दिन निर्माण कर दिया जैसे बचकाने तर्क पर अब जनता हंसने लगी है। क्योंकि अगर कभी पांच दस दिन सरकारी छुट्टी रह गई तो इसका मतलब ये हुआ कि पूरे शहर में अतिक्रमणों की बाढ़ आ जाएगी?? बहरहाल खबर ये है कि सुनवाई के दौरान निर्माणकर्ताओं की ओर से भूमि स्वामित्व के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद उदयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम-2023 के तहत कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए गए। मौके पर हाल ही में बनाई गई 15 से 20 पक्की चारदीवारियां, निर्माणाधीन मकान, कच्ची कोट और अन्य अवैध ढांचों को जेसीबी की मदद से हटाया गया।यूडीए का दावा है कि इस कार्रवाई से करीब सात लाख वर्गफीट भूमि पुनः सरकारी नियंत्रण में आई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान किसी पुराने या पुश्तैनी आवास को नहीं छुआ गया। केवल हाल के वर्षों में किए गए अवैध निर्माणों को ही हटाया गया है।कार्रवाई के बाद यूडीए ने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि सरकारी भूमि पर विकसित किए जा रहे संदिग्ध भूखंडों और सस्ते प्लॉटों के झांसे में न आएं। अक्सर पहले सरकारी जमीन पर बाड़बंदी और बाउंड्रीवाल खड़ी कर कब्जा किया जाता है, फिर उसे निजी संपत्ति बताकर बेचने का प्रयास किया जाता है। लेकिन यह नहीं कहा कि इस मामले में उन लोगों पर क्या कर्रवाई करेंगे जिनके अधिकार क्षेत्र में ये अवैध निर्माण हो गए।इस बीच प्राधिकरण ने बुझड़ा में भी कार्रवाई की। स्कूल मैदान के लिए आवंटित भूमि पर किए गए कच्चे और पक्के दोनों प्रकार के अतिक्रमण हटाए गए। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation विद्यापीठ ने दोहराया संकल्प: कार्यकर्ताओं के हितों से नहीं होगा समझौता, जुलाई से मिलेंगे वेतन वृद्धि व अन्य लाभ घासा पहुंचकर कलक्टर ने परखी जमीनी हकीकत, अस्पताल से लेकर तालाब तक व्यवस्थाओं की ली पड़ताल