उदयपुर। शहर में अवैध और असुरक्षित होर्डिंग्स किस तरह लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं, इसका दर्दनाक उदाहरण 30 मई की रात को सामने आया। उदियापोल क्षेत्र में तेज आंधी के दौरान एक भारी-भरकम लोहे का होर्डिंग उड़कर घर लौट रहे एक व्यापारी के सिर पर आ गिरा। हादसा इतना भयावह था कि घायल व्यापारी मौके पर ही बेहोश हो गया। गंभीर मस्तिष्क चोट के शरीर लकवाग्रस्त हो गया।। गंभीर हालात में परिजन पहले एमबी अस्पताल, उसके बाद जेके अस्पताल और बाद में आनन फानन में अहमदाबाद शेल्बी अस्पताल ले गए जहां आज उनका ऑपरेशन हुआ। घटना को लेकर सूरजपोल थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर शहर की ऊंची इमारतों पर लगे ऐसे खतरनाक होर्डिंग्स की जिम्मेदारी किसकी है। हादसे से पहले प्रशासन ने इनकी जांच क्यों नहीं की? या प्रशासन को पता ही नहीं है कि कहां कितने होर्डिंग लगे हैं?? क्यों नहीं प्रशासन को भी इसके लिए सीधी सीधे आपराधिक रूप से कठघरे में खड़ा किया जाए। आंधी आए या तूफान, उसकी प्रशासनिक तैयारी क्या है?? क्या आमजन को केवल मरने के लिए छोड़ दिया है हालात के भरोसे?? वोट मांग कर जन प्रतिनिधि बने माननीय आखिर कहां हैं?? वे खुद बेखबर हैं तो दूसरों की खबर क्या लेंगे?? उनके राजनीति से फुर्सत आखिर कब मिलेगी??यह सवाल अब जनता की ओर से पूछे जा रहे हैं। एफआईआर के अनुसार महाराणा प्रताप कॉलोनी निवासी 40 वर्षीय मनीष छतवानी, जो बापू बाजार में दिलखुश कलेक्शन नाम से व्यवसाय करते हैं, 30 मई की रात करीब 10 से 10:30 बजे दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान उदियापोल क्षेत्र में मेवाड़ मोटर्स बिल्डिंग और सगसजी बावजी मंदिर के आसपास स्थित एक ऊंची इमारत की छत पर लगा भारी लोहे का बोर्ड तेज आंधी में उखड़ गया और सीधे उनके सिर पर आ गिरा।परिजनों के अनुसार सिर पर चोट इतनी गंभीर थी कि मनीष छतवानी तत्काल बेहोश हो गए। लकवाग्रस्त हो गए। उन्हें पहले महाराणा भूपाल चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से बेहतर उपचार के लिए पारस जेके अस्पताल रेफर किया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें अहमदाबाद के शेल्बी अस्पताल ले जाया गया, जहां मस्तिष्क का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बावजूद उनके शरीर का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया है और वे अभी भी उपचाराधीन हैं। पीड़ित के भाई आशीष छतवानी ने पुलिस को दी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि हादसा प्राकृतिक नहीं बल्कि लापरवाही का परिणाम है। उनका कहना है कि भवन की छत पर भारी लोहे का होर्डिंग असुरक्षित तरीके से लगाया गया था। उन्होंने संबंधित बिल्डिंग मालिक और विज्ञापन एजेंसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामले में सूरजपोल थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 125 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि होर्डिंग किस भवन पर लगा था, उसकी अनुमति किसने दी थी और रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी थी। घटना ने नगर निगम और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर की प्रमुख सड़कों और व्यावसायिक क्षेत्रों में सैकड़ों बड़े-बड़े होर्डिंग्स बरसों से लगे हुए हैं, लेकिन उनकी मजबूती, सुरक्षा मानकों और वैधता की नियमित जांच शायद ही कभी होती हो। जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हो जाता, जिम्मेदार विभागों की नजर इन पर नहीं पड़ती। अब सवाल यह है कि यदि एक होर्डिंग किसी परिवार के युवा सदस्य को जिंदगीभर की पीड़ा दे सकता है, तो ऐसे कितने और “मौत के बोर्ड” शहर की छतों पर प्रशासन की अनदेखी के साये में खड़े हैं? क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या यह मामला भी कुछ दिनों की चर्चा के बाद फाइलों में दफन हो जाएगा? उदयपुर शहर इस सवाल का जवाब चाहता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अवैध शराब मामले में 10 माह से फरार आरोपी गिरफ्तार, ऑपरेशन सुदर्शन चक्र-02 के तहत कार्रवाई