24 News Update उदयपुर। सेवा भारती चिकित्सालय परिसर, हरिदास जी की नगरी, सुभाष चौराहा में आयोजित 10 दिवसीय आयुर्वेद क्षारसूत्र अंतरंग शल्य चिकित्सा शिविर का आज भव्य समापन हुआ। आयुर्वेद विभाग एवं राष्ट्रीय आयुष मिशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस निशुल्क शिविर में क्षारसूत्र, पंचकर्म, न्यूरोथेरेपी और स्वर्ण प्राशन जैसी विधाओं से सैकड़ों रोगियों को राहत मिली।शिविर के समापन समारोह में शहर विधायक ताराचंद जैन ने उपस्थित होकर रोगियों से हाल-चाल पूछा और शिविर की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। मुख्य अतिथि के रूप में ग्रामीण विधायक उदयपुर फूल सिंह मीणा उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय सेवा प्रमुख आरएसएस शिव लहरी ने की।विशिष्ट अतिथियों में पूर्व आयुर्वेद निदेशक डॉ. कनक प्रसाद व्यास, समाजसेवी गोविंद अग्रवाल, अध्यक्ष चेंबर ऑफ कॉमर्स पारस सिंघवी, सेवा भारती चिकित्सालय प्रभारी प्रकाश सोनी, सहायक अतिरिक्त निदेशक उदयपुर संभाग डॉ. भूपेंद्र शर्मा, उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग डॉ. राजीव भट्ट, डॉ. वल्लभ पारीख और अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे।शिविर प्रभारी डॉ. शोभालाल औदिच्य ने बताया कि दस दिनों तक चले इस शिविर में 102 भर्ती मरीजों को क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा और अन्य आयुर्वेदिक उपचार प्रदान किए गए। अर्श, भगंदर एवं गुदा विकार से पीड़ित मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा राहत दी गई।पंचकर्म विभाग में 922 रोगियों का उपचार हुआ, जिसमें कटी बस्ती 441, जानू बस्ती 317, ग्रीवा बस्ती 196, पत्र पिंड स्वेद 311, नस्य 8, उदर बस्ती 44, शिरोधारा 61, अभ्यंग 691 जैसी प्रक्रियाएं शामिल थीं। काय चिकित्सा एवं स्त्री रोग विभाग में डॉ. ज्योति सिंह देवल, डॉ. अंकिता सियाल और डॉ. ललित सिंह देवड़ा ने उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान की। न्यूरोथेरेपी विभाग में डॉ. मनोज शर्मा और उनकी टीम ने कई रोगियों को राहत दी।शिविर के दौरान प्रतिदिन स्वर्ण प्राशन में 3550 बच्चों को लाभ पहुंचाया गया। मौसमी बीमारियों से बचाव हेतु रोगियों को प्रतिदिन औषधीय काढ़ा पिलाया गया। अंतिम दिन सभी मरीजों को पथ्य–अपथ्य की जानकारी, डिस्चार्ज टिकट और 10 दिनों की औषधि किट प्रदान की गई। समापन समारोह में मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने शिविर की चिकित्सा व्यवस्था और रोगियों को मिले लाभ की सराहना की। शहर विधायक ताराचंद जैन ने कहा, “रोगियों के मुस्कुराते चेहरे देखकर प्रसन्नता हुई, ऐसे शिविर आगे भी जारी रहेंगे।” ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा ने कहा कि वे व्यक्तिगत विधायक मद से भविष्य में भी ऐसे शिविरों का समर्थन करेंगे। चेंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष और समाजसेवी पारस सिंघवी ने कहा, “अर्श और भगंदर जैसी बीमारियों के लिए आयुर्वेदिक क्षारसूत्र अत्यंत प्रभावी है। हम ऐसे शिविरों को नियमित श्रृंखला में आयोजित करने का सहयोग करेंगे।” समापन समारोह में डॉ. शोभालाल औदिच्य, डॉ. संजय महेश्वरी, डॉ. ललित सिंह देवड़ा, डॉ. ज्योति सिंह देवल, डॉ. अंकिता सियाल, डॉ. पंकज तंवर, डॉ. नितिन सेजू, डॉ. सुनील रघुवंशी, डॉ. लोकेश पंचाल, डॉ. जीत पटेल, डॉ. सतीश गुसर, डॉ. कविता गुर्जर, डॉ. भरत कुमार बंसल, प्रदीप कुमार व्यास, शंकरलाल मीणा, प्रभुलाल डामोर, शंभुलाल निनामा, कंचन कुमार डामोर, सेफाली पारगी, किरण कुमार गर्ग, कन्हैया लाल नागदा, चंद्रेश परमार, हेमंत पालीवाल, रुक्मणी गायरी, वंदना शक्तावत, अंजना बारोट, इंद्रा मीणा, पुष्पा चाष्टा, मयंक पलसानिया, ललित कुमार कलाल, भगवती लाल लोधा, सुरेंद्र कुमार रेगर, त्रिलोचना अहारी, सोमाराम मेघवाल, मोहन लाल, रविन्द्रसिंह सोलंकी, निर्भयसिंह भाटी, करण सिंह, कमलेश कुमार, बंसीलाल, दुर्गा भील, मेवा देवी, देवीलाल मेघवाल और लालूराम गमेती सहित कई अधिकारियों, चिकित्सकों और परिचारकों को सम्मानित किया गया। रोगियों की प्रतिक्रिया भी उत्साहजनक रही। मधु श्रीमाल ने कहा, “मैंने पहले कई जगह इलाज करवाया, पर राहत नहीं मिली। इस शिविर में उपचार के बाद कमर और कंधे के दर्द में स्पष्ट सुधार हुआ। स्टाफ अत्यंत स्नेहपूर्ण और सेवा भाव से कार्य करता है। मैं पूरी तरह संतुष्ट हूँ।”शिविर के दौरान गोविंद अग्रवाल, पारस सिंघवी और फूलसिंह मीणा ने आगामी शिविर आयोजित करने में अपनी ओर से सहयोग देने की सहमति जताई। अगले तीन शिविर भी क्रमशः दस-दस दिन के आयोजित किए जाएंगे, जिससे और अधिक लोगों को आयुर्वेदिक चिकित्सा लाभ मिले। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उदयपुर–सूरत वन्दे भारत का समय बदलने की मांग, यात्रियों को होगी राहत अनुशासन, टीमवर्क व राष्ट्र निर्माण में खेलों की अहम भूमिका : प्रो. भगवती प्रसाद