11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा, शहीद का दर्जा और परिवार को 3 करोड़ रुपए सहायता की मांग; मांगें नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी फतहनगर। प्रतापगढ़ में ड्यूटी के दौरान रेंजर स्व. प्रताप सिंह चूड़ावत की हत्या के विरोध में वन विभाग के विभिन्न घटकों और कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। वनकर्मियों ने उदयपुर जिला कलक्टर, मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक एवं वन्यजीव) तथा उप वन संरक्षक उदयपुर उत्तर एवं दक्षिण के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वनकर्मियों की सुरक्षा, शहीद परिवार के पुनर्वास और विभागीय व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की गई। राजस्थान अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेश चन्द्र शर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में तैनात कर्मचारी विषम परिस्थितियों में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था के साथ शहीद वनकर्मियों के परिवारों के लिए स्पष्ट नीति बनाया जाना जरूरी है। कर्मचारी संगठनों ने स्व. प्रताप सिंह चूड़ावत को तत्काल शहीद का दर्जा देने और उनके परिवार को 3 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने की मांग की। साथ ही भविष्य में शहीद होने वाले वन कर्मचारियों के लिए पारदर्शी नीति बनाने तथा आश्रित परिवार को राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996 के तहत सभी देय लाभ उपलब्ध कराने की मांग रखी। ज्ञापन में वनकर्मियों की सुरक्षा के लिए व्यावहारिक दिशा-निर्देश जारी कर उनकी प्रभावी पालना सुनिश्चित करने तथा वर्तमान कार्यभार, वन एवं वन्यजीव क्षेत्रफल और विभागीय दायित्वों में बढ़ोतरी के अनुरूप सभी संवर्गों के स्वीकृत पदों का पुनर्निर्धारण करने की मांग भी की गई। रेंजों के पुनर्गठन से लेकर भत्तों तक की मांग कर्मचारियों ने फील्ड में कार्यरत वनकर्मियों के लिए यात्रा, फील्ड ड्यूटी और जोखिम भत्ते सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। पुलिस थानों की तर्ज पर वन रेंजों का वैज्ञानिक एवं प्रशासनिक पुनर्गठन करने, आवश्यकता के अनुसार नई रेंज गठित करने तथा उनमें रेंजर, डिप्टी रेंजर, वनपाल, वनरक्षक, मंत्रालयिक कर्मचारी, वाहन चालक और सहायक कर्मचारियों के पद स्वीकृत करने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा वन विभाग की हेल्पलाइन 1926 को मजबूत करने तथा जिला और रेंज स्तर पर आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित करने की मांग की गई। कर्मचारी संगठनों ने प्रत्येक माह के तीसरे सोमवार को विभागाध्यक्ष स्तर पर कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित बैठक आयोजित करने और नीतिगत निर्णयों से पहले कर्मचारी संगठनों से विचार-विमर्श की व्यवस्था लागू करने की मांग की। विभिन्न संवर्गों के वेतनमान, ग्रेड-पे और वेतन निर्धारण से जुड़ी विसंगतियों का शीघ्र समाधान करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। चूड़ावत की स्मृति में हो स्थायी नामकरण कर्मचारियों ने स्व. प्रताप सिंह चूड़ावत की स्मृति को स्थायी बनाने के लिए उनके जन्मस्थान, कार्यक्षेत्र अथवा शहादत स्थल के समीप स्थित पार्क, नर्सरी, वाटिका, कार्यालय, विश्राम गृह या प्रशिक्षण केंद्र का नाम उनके नाम पर करने की मांग की। साथ ही मांगों के समाधान के लिए वित्त, कार्मिक एवं सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों के साथ कर्मचारी संगठनों की उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर प्रत्येक मांग पर बिंदुवार निर्णय लेने की मांग भी की गई। मांगें नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक और समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो संयुक्त वन कर्मचारी संघ आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार एवं वन प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान सुरेश चन्द्र शर्मा (प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राजस्थान अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ), अजित सिंह मेडतिया (संभाग अध्यक्ष, वाहन चालक संघ), भगवती लाल मीणा (अध्यक्ष, अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ), सुरेन्द्र सिंह शेखावत (आरएफओ संघ), मंजूर खान (संस्थापन अधिकारी, मंत्रालयिक संघ) सहित सैकड़ों वनकर्मी मौजूद रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मालवीय लोहार समाज के 22 चौखलों के पदाधिकारियों का सम्मान फतह एकेडमी के 12 खिलाड़ियों का राज्य स्तर पर चयन