24 News Update उदयपुर. वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 485वीं जयंती की पूर्व संध्या पर बुधवार को जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) में राष्ट्र चेतना, मानवाधिकार और सनातन मूल्यों से ओतप्रोत विविध आयोजनों का भव्य आयोजन हुआ। विद्यापीठ के प्रतापनगर स्थित खेल मैदान में प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए, वहीं ‘महाराणा प्रताप – राष्ट्रीय सुरक्षा, शिक्षक चेतना और गीता विज्ञान’ विषय पर सारगर्भित संगोष्ठी आयोजित की गई।प्रतिमा स्थल पर श्रद्धांजलि: कुलपति, कुलाधिपति सहित अनेक गणमान्य हुए शामिलप्रतापनगर स्थित खेल मैदान में महाराणा प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा पर आयोजित पुष्पांजलि समारोह में कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत, कुलाधिपति भंवरलाल गुर्जर, चरित्र निर्माण संस्थान नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकृष्ण गोस्वामी, डीवाईएसपी डॉ. चेतना भाटी, पीठ स्थविर डॉ. कौशल नागदा, रजिस्ट्रार डॉ. तरुण श्रीमाली, प्रताप सिंह झाला, वरिष्ठ पत्रकार महेश शर्मा सहित तीनों परिसरों के कार्यकर्ताओं ने ससम्मान पुष्प अर्पित कर नमन किया।हल्दीघाटी का युद्ध स्वतंत्रता बनाम साम्राज्यवाद – प्रो. सारंगदेवोतविद्यापीठ के आईटी सभागार में आयोजित संगोष्ठी में कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने कहा कि हल्दीघाटी का युद्ध मात्र सैन्य संघर्ष नहीं था, बल्कि स्वतंत्रता बनाम साम्राज्यवाद की ऐतिहासिक लड़ाई थी। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब प्रताप के विचारों का उल्लेख करना अपराध माना जाता था। आजादी की अलख जगाने के लिए 23 जून 1926 को पं. शिवनारायण शर्मा ने ‘प्रताप सभा’ के बैनर तले इस महोत्सव की शुरुआत की थी। प्रताप ने मानवाधिकार, सर्वधर्म समभाव और वैश्विक शांति का जो पाठ पढ़ाया था, उसे वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज समाज को अपराधमुक्त बनाने के लिए गीता के कर्मयोग पर चलना आवश्यक है। प्रताप ने आत्मसम्मान के लिए राजपाट तक त्याग दिया। उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वतंत्रता और वीरता का अनुपम उदाहरण है।प्रताप: मानवाधिकारों के वैश्विक संरक्षक – रामकृष्ण गोस्वामीरामकृष्ण गोस्वामी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, चरित्र निर्माण संस्थान, नई दिल्ली ने कहा कि आज की शिक्षा पद्धति में राष्ट्र चेतना और मानवाधिकारों का समावेश आवश्यक है। मेवाड़ की धरती ने मुगलों के अत्याचारों के विरुद्ध मानवाधिकारों की पहली आवाज बुलंद की। प्रताप की फौज में सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व था – यह समानता और समरसता का प्रतीक है। हजारों मेवाड़ी महिलाओं ने स्वतंत्रता के खतरे को पहचानते हुए जौहर किया, यह त्याग प्रताप की प्रेरणा से ही संभव हो सका। प्रताप ने राजनीति का राजधर्म अपनी माता जेवन्ताबाई से गीता के संदेशों के माध्यम से सीखा, जो आज की पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बन सकता है।“धरती के अस्तित्व तक अमर रहेंगे प्रताप” – महेश शर्मा, प्रताप सिंह झालावरिष्ठ पत्रकार महेश शर्मा और वक्ता प्रताप सिंह झाला ने कहा कि महाराणा प्रताप सनातन संस्कृति के गौरव हैं। जब तक यह धरती रहेगी, प्रताप का नाम अमर रहेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि है और समाज को जागरूक होना सबसे बड़ी आवश्यकता है।प्रताप का गुणगान ही जीवन की सार्थकता – डॉ. चेतना भाटीडीवाईएसपी डॉ. चेतना भाटी ने भावपूर्ण कविता के माध्यम से महाराणा प्रताप के संपूर्ण जीवन और संघर्ष को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मेवाड़ की धरती त्याग, तपस्या और बलिदान की भूमि है, जहाँ मीरा, पन्नाधाय और हाडीरानी जैसी महान विभूतियों ने जन्म लिया। प्रताप का गुणगान करने मात्र से ही जीवन सार्थक हो जाता है।अध्यक्षीय संबोधन में कुलाधिपति भंवरलाल गुर्जर ने कहा – “अधीनता कभी स्वीकार नहीं की”भंवरलाल गुर्जर, कुलाधिपति, ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि महाराणा प्रताप ने कभी भी अधीनता स्वीकार नहीं की। उन्होंने जीवनभर धर्म और मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनका त्याग, साहस और निष्ठा आज भी प्रेरणास्त्रोत हैं।संगोष्ठी में शामिल हुए विद्वानगण व कार्यकर्ताकार्यक्रम का संचालन डॉ. हरीश चौबीसा ने किया। इस अवसर पर प्रो. जीवन सिंह खरकवाल, प्रो. सरोज गर्ग, प्रो. अवनीश नागर, प्रो. मंजु मांडोत, डॉ. पारस जैन, प्रो. आई.जे. माथुर, डॉ. कला मुणेत, डॉ. भवानीपाल सिंह राठौड़, डॉ. धमेन्द्र राजौरा, डॉ. दिलीप सिंह चौहान, डॉ. अमी राठौड़, डॉ. सुनिता मुर्डिया, डॉ. अमिया गोस्वामी, डॉ. दिनेश श्रीमाली, डॉ. लाला राम जाट, डॉ. सपना श्रीमाली, डॉ. मनीष श्रीमाली, डॉ. कुल शेखर व्यास, आशीष नंदवाना, उमराव सिंह राणावत, डॉ. संजीव राजपुरोहित, डॉ. शाहिद हुसैन कुरैशी, निजी सचिव के.के. कुमावत, जितेंद्र सिंह चौहान, डॉ. यज्ञ आमेटा, डॉ. हेमंत साहू, डॉ. अपर्णा श्रीवास्तव सहित विद्यापीठ के डीन, निदेशक और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation खौफनाक मर्डर की पूरी कहानी : ‘दृश्यम’ से प्रेरित खौफनाक हत्या कांड का पर्दाफाशः 70 वर्षीय महिला की हत्या कर शव जलाया, डीएनए जांच से खुला राज राजस्थान टीम ने कोल्हापुर में दिखाया दमखम, राष्ट्रीय सब जूनियर टीम चैंपियनशिप का खिताब किया अपने नाम