— 150 साल पुराने पेड़ की परिधि 4.55 मीटर, राष्ट्रीय रिकॉर्ड से महज 15 सेंटीमीटर पीछे 24 News update उदयपुर/माउंट आबू, 8 सितंबर। माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य में करीब 150 वर्ष पुराना विशाल सफेदा (यूकेलिप्टस) वृक्ष देश की वृक्ष विरासत में नई पहचान बनाने की ओर है। वन विशेषज्ञ एवं पूर्व वन अधिकारी डॉ. सतीश कुमार शर्मा के अध्ययन और राष्ट्रीय महावृक्ष रिकॉर्ड से आंकड़ों के मिलान के बाद इसे देश का दूसरा सबसे मोटा सफेदा वृक्ष पाया गया है।करीब 20 मीटर ऊंचे इस वृक्ष की वक्ष ऊंचाई पर परिधि 4.55 मीटर दर्ज की गई है। देश में सबसे मोटे सफेदा वृक्ष का रिकॉर्ड आंध्र प्रदेश के हॉर्सली हिल स्थित पेड़ के नाम है, जिसकी वर्तमान परिधि करीब 4.70 मीटर बताई गई है। इस लिहाज से आबू का वृक्ष उससे महज 15 सेंटीमीटर पीछे है।डॉ. शर्मा ने बताया कि यह वृक्ष ब्रिटिशकाल में लगाया गया माना जाता है। इसके तने पर करीब तीन मीटर तक कोई शाखा नहीं है, जिसके बाद तना कई शाखाओं में विभाजित होता है। इसकी विशाल संरचना आबू की अनुकूल जलवायु और पुराने वृक्षों की विरासत को भी दर्शाती है।माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य के उप वन संरक्षक अनिल गुप्ता की सूचना के बाद डॉ. शर्मा ने मौके पर पहुंचकर वृक्ष का अध्ययन किया और उसके माप-आंकड़ों का राष्ट्रीय रिकॉर्ड से मिलान किया। संरक्षण के साथ मिलेगी पहचानवृक्ष की अहमियत सामने आने के बाद वन विभाग की ओर से इसके संरक्षण और पहचान के लिए सूचना पट्ट लगाने की तैयारी की जा रही है। डॉ. शर्मा के अनुसार ऐसे विशाल और पुराने वृक्ष केवल प्राकृतिक संपदा नहीं, बल्कि किसी क्षेत्र के पर्यावरणीय और ऐतिहासिक अतीत के जीवंत दस्तावेज होते हैं। इनका वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण और संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। आबू के इस सफेदा वृक्ष की खोज ने राजस्थान की वृक्ष विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दी है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation हस्तीमल व्याख्यानमाला का पोस्टर विमोचन :‘हम भारत के लोग’ से समझेंगे संविधान की मूल भावना वल्लभनगर, भीण्डर और फतहनगर-सनवाड़ में पहले चरण का मतदान कल, 76 दलों ने संभाली जिम्मेदारी, 70 वार्डों में 39,957 मतदाता