24 News Update उदयपुर। भारतीय सिंधु सभा उदयपुर, श्री बिलोचिस्तान पंचायत एवं सिंधी सेंट्रल युवा सेवा समिति उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 20 दिवसीय सिंधी बाल संस्कार शिविर-2026 का समापन समारोह शक्तिनगर स्थित सनातन धर्म मंदिर में आयोजित किया गया। शिविर में 450 से अधिक बच्चों और 30 शिक्षकों ने भाग लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ श्री झूलेलाल, भारत माता और महाराजा दाहरसेन के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद रमा खियाणी के सिंधी अबाणी बोली गीत और एंजल सुखवानी की मनमोहक गणेश वंदना प्रस्तुति ने कार्यक्रम की शुरुआत की।सभा अध्यक्ष गुरुमुख कस्तूरी एवं महामंत्री विजय आहुजा ने बताया कि समापन समारोह में बच्चों ने सिंध की संस्कृति और सभ्यता पर आधारित नृत्य, नाटक और गीत प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को सिंधमय बना दिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी प्रकाश बिलोची एवं विशिष्ट अतिथि न्यायाधीश मिनाक्षी बिलोची ने बच्चों और शिक्षकों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और सिंध के महापुरुषों एवं वीर सपूतों के इतिहास से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।श्री झूलेलाल सेवा समिति के अध्यक्ष प्रताप राय चुग ने कहा कि भारतीय सिंधु सभा कई वर्षों से सिंधी बोली और संस्कृति के संरक्षण के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है। बच्चों को अच्छे संस्कार देने के उद्देश्य से लगाए जाने वाले शिविरों में समाज के सभी लोगों को सहयोग करना चाहिए।सिंधी सेंट्रल युवा सेवा समिति के महामंत्री मुकेश खिलवानी एवं श्री झूलेलाल सेवा समिति के महामंत्री मनोज कटारिया ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने, सामाजिक चेतना विकसित करने और सेवा भावना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर प्रदेश संरक्षक सुरेश कटारिया एवं संभाग प्रभारी प्रकाश फुलानी ने सिंधुपति महाराजा दाहरसेन के 1314वें बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की जानकारी दी। महाराजा दाहरसेन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। विशिष्ट अतिथि हरीश तलरेजा ने महाराजा दाहरसेन के जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा लेह-लद्दाख से लौटे यात्रियों का स्वागत किया गया। सिंधु नदी से लाए गए जल एवं शिलाओं का पूजन संत साधूराम ने करवाया। उन्होंने कहा कि पवित्र सिंधु नदी का जल श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। इस अवसर पर लक्ष्मण दास बजाज, सुनील शिकारपुरी, प्रताप राय चुग, कमलेश चैनानी, प्रेम तलरेजा, हरीश कामरा, कमल तलरेजा, हरीश चावला, हीरानंद चैनानी, प्रकाश मोटवानी, दीपक रंगवानी, लज्जा रामेजा, मोहिनी साधवानी, भारती गेरा, रमा खियाणी, रिया कस्तूरी सहित समाज के कई लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन मीनल पुरुस्वानी एवं मीनाक्षी कस्तूरी ने किया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मोहर्रम, निर्जला एकादशी और रथयात्रा को लेकर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक, सौहार्द के साथ पर्व मनाने का आह्वान सुभाष नगर में निःशुल्क चिकित्सा शिविर, 150 मरीजों ने उठाया स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ