-कार्यालय ने स्पष्ट किया- लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के सामाजिक कार्यों की जिम्मेदारी नई पीढ़ी को सौंपने की कही थी बात, बयान को राजनीति से जोड़ना गलत 24 News Update नई दिल्ली, 25 अगस्त। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के हालिया बयान को लेकर उठी राजनीतिक अटकलों पर मंगलवार को उनके कार्यालय की ओर से सफाई दी गई। गडकरी के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि उन्होंने नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने की बात अपने लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट से जुड़े सामाजिक कार्यों के संदर्भ में कही थी। इसका उनके राजनीतिक जीवन या सक्रिय राजनीति से कोई संबंध नहीं है।गडकरी के कार्यालय के अनुसार उनके बयान को कुछ मीडिया रिपोर्टों में राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा के तौर पर पेश किया गया, जबकि उन्होंने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया था। गडकरी ने 23 अगस्त को पुणे के काटोल में आयोजित कार्यक्रम में कहा था कि अब वे पहले की तरह ज्यादा काम नहीं कर पाते और जब काम करने में सक्षम थे, तब उन्होंने किया। उन्होंने नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने की आवश्यकता पर जोर दिया था। इसी बयान के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। 37 साल से अधिक समय से सक्रिय राजनीति मेंनितिन गडकरी तीन दशक से अधिक समय से सक्रिय राजनीति में हैं। वे पिछले 12 वर्षों से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और वर्तमान में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय संभाल रहे हैं। 23 अगस्त के कार्यक्रम में गडकरी ने अपने व्यस्त राजनीतिक जीवन और बदलते समय का भी जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि अब उनके काम में पहले की तुलना में दखल कम हो गया है। उन्होंने युवाओं को नियमित व्यायाम और प्राणायाम करने की सलाह भी दी।गडकरी ने अपने शुरुआती राजनीतिक दिनों को याद करते हुए बताया था कि उस दौर में वे पार्टी के काम के लिए साइकिल और स्कूटर से निकल जाया करते थे। पार्टी के बड़े नेताओं के आवागमन की व्यवस्था के लिए एक परिचित की एम्बेसडर कार का इस्तेमाल किया जाता था। उन्होंने यह भी बताया था कि उस कार के मालिक को पार्टी अध्यक्ष बना दिया गया था, ताकि बड़े नेताओं के आने पर वाहन की व्यवस्था की जा सके। आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का काम करता है ट्रस्टलक्ष्मणराव मानकर स्मृति संस्था नागपुर की सामाजिक संस्था है, जो मुख्य रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के क्षेत्र में काम करती है। संस्था की ओर से एकल विद्यालय संचालित किए जाते हैं। ट्रस्ट की जानकारी के अनुसार नितिन गडकरी ने इसे स्वर्गीय लक्ष्मणराव मानकर ‘गुरुजी’ की स्मृति में स्थापित किया था। नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने वाला उनका बयान इसी संस्था से जुड़े सामाजिक कार्यों के संदर्भ में बताया गया है। पहले भी गडकरी के राजनीतिक संन्यास को लेकर हुई हैं चर्चाएंनितिन गडकरी के राजनीतिक जीवन में इससे पहले भी उनके सक्रिय राजनीति से दूर होने को लेकर चर्चाएं सामने आती रही हैं। हालांकि मंगलवार को उनके कार्यालय की सफाई के बाद मौजूदा बयान को लेकर उठी अटकलों पर स्थिति स्पष्ट हो गई है। नितिन गडकरी के सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान दो बार अचानक तबीयत बिगड़ने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। 7 दिसंबर 2018, अहमदनगर: महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रगान के दौरान गडकरी अचानक लड़खड़ाकर बेहोश हो गए थे। महाराष्ट्र के तत्कालीन राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने उन्हें संभाला था। चिकित्सकीय जांच के बाद कुछ समय में उनकी स्थिति सामान्य हो गई। बाद में गडकरी ने बताया था कि लो ब्लड शुगर के कारण उन्हें परेशानी हुई थी। 24 अप्रैल 2024, पुसद, यवतमाल: लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान एक सभा में भाषण देते समय गडकरी अचानक मंच पर गिर पड़े थे। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें संभाला। कुछ देर बाद वे सामान्य हुए और उन्होंने अपना भाषण पूरा किया। गडकरी ने बाद में बताया था कि तेज गर्मी के कारण उन्हें असहज महसूस हुआ था। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation चीनी के दाम पर सरकार का बड़ा दांव, 10 लाख टन शुल्क-मुक्त आयात से मिलेगी राहत? उद्योग बोला- देश में कमी नहीं कानपुर में कूड़े के ढेर पर चॉकलेट-टॉफी लूटने की मची होड़, बाइक-कार रोककर लोग भर ले गए डिब्बे