
24 News Update नई दिल्ली. रक्षा मंत्रालय ने टेरिटोरियल आर्मी रूल 1948 के तहत रूल 33 का उपयोग करते हुए चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ को टेरिटोरियल आर्मी (TA) की 14 इन्फैंट्री बटालियनों की तैनाती का अधिकार प्रदान किया है। यह अधिसूचना 10 फरवरी 2025 से 9 फरवरी 2028 तक प्रभावी रहेगी।
रक्षा मंत्रालय के इस निर्णय के तहत मौजूदा 32 इन्फैंट्री बटालियनों में से 14 बटालियनों को देश के विभिन्न सैन्य कमांड क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। इनमें सदर्न कमांड, ईस्टर्न कमांड, वेस्टर्न कमांड, सेंट्रल कमांड, नॉर्दर्न कमांड, साउथ वेस्टर्न कमांड, अंडमान और निकोबार कमांड और आर्मी ट्रेनिंग कमांड (ARTRAC) शामिल हैं। इस आदेश के अंतर्गत इन बटालियनों का उपयोग महत्वपूर्ण सुरक्षा कार्यों के लिए किया जा सकेगा, जैसे सीमा की सुरक्षा, आपात स्थिति में नागरिक सहायता और दुश्मन के संभावित हमलों से निपटना।
यह आदेश ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के कारण सीमा पर सुरक्षा को लेकर उच्चतम सतर्कता की आवश्यकता है। पाकिस्तान द्वारा हाल ही में राजस्थान में किए गए ड्रोन हमलों के बाद भारतीय सेना की सक्रियता बढ़ी है और ऐसे में टेरिटोरियल आर्मी की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। यह बटालियन नियमित सेना की क्षमताओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा की पहली पंक्ति का हिस्सा बनेंगी।
तैनाती के लिए आवश्यक धनराशि बजट में उपलब्ध होने पर या आंतरिक बचत से पुनः विनियोजन के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। रक्षा मंत्रालय के अलावा अन्य मंत्रालयों के अनुरोध पर की गई तैनाती का खर्च संबंधित मंत्रालयों के बजट से काटा जाएगा।
यह आदेश तीन वर्षों के लिए मान्य रहेगा और इसे युद्ध या विशेष परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई और बल की तैनाती के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे भारतीय सेना की परिचालन क्षमता को बढ़ाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ते सुरक्षा खतरों से निपटने में मदद मिलेगी।
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