24 News Update चित्तौड़गढ़. चित्तौड़गढ़ की डूंगला पुलिस ने लुटेरी दुल्हन गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने आरोपी महिला और उसके पति को रविवार को ही गिरफ्तार कर लिया था, जो अभी जेल में है। आरोपी महिला 25 से ज्यादा फर्जी शादियां कर लोगों से लाखों रुपए ऐंठ चुकी हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हर बार उसकी शादी करवाने वाला उसका अपना पति ही होता था, जो खुद को उसका भाई बताकर लोगों को झांसे में लेता था। सवाई माधोपुर जेल में बंद थी लुटेरी दुल्हन डूंगला थानाधिकारी अमृतलाल मीणा ने बताया कि यह मामला किशन करेरी गांव निवासी नेमीचंद कुमावत की शिकायत पर सामने आया। नेमीचंद ने साल 2024 में रिपोर्ट दो थी जिसमें उसने बताया था कि उसकी शादी यूपी की रहने वाली अनुराधा पासवान से हुई थी। कुछ दिन साथ रहने के बाद अनुराधा 2 लाख रुपए लेकर भाग गई। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। कई महीनों बाद पता चला कि अनुराधा पहले से ही एक मामले में सवाई माधोपुर जेल में बंद है। जब पुलिस वहां पहुंची तो पता चला कि वह जमानत पर छूट चुकी है। पुलिस उसको प्रोडक्शन वारंट के जरिए पकड़ना चाहती थी। इसमें बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी। भरतपुर से पकड़ी गई अनुराधा, भाई निकला पति डूंगला पुलिस को सूचना मिली कि अनुराधा भरतपुर में है। पुलिस ने वहां दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में जो खुलासे हुए, वो चौंकाने वाले थे। अनुराधा ने बताया कि वह अपने पति के साथ मिलकर यह पूरा ठगी का खेल खेलती थी। उसका पति विशाल कुमार पासवान खुद को उसका भाई बताकर लोगों से मिलता और रिश्ता तय करवाता था। डूंगला के पास ही घूम रहा था पति, पुलिस ने दबोचा अनुराधा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि उसका पति विशाल कुमार पासवान भी डूंगला क्षेत्र में ही घूम रहा है। पुलिस ने उसे जमानत की बात कहकर पकड़ लिया। वह भी इस मामले में वांटेड था। दो बच्चों की है आरोपी महिला थानाधिकारी अमृतलाल ने बताया कि अनुराधा और उसका पति उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। दोनों अब तक राजस्थान और मध्य प्रदेश में मिलकर करीब 25 फर्जी शादियां कर चुके हैं और हर जगह शादी के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठकर फरार हो जाते थे। पुलिस के अनुसार, अनुराधा के अपने पति विशाल से 2 बच्चे भी हैं। इसके बावजूद वह शादी के लिए बार-बार खुद को अविवाहित बताती और आधार कार्ड में पिता का नाम बदलवा देती थी, ताकि उसकी असल पहचान सामने न आ सके। तकनीकी जांच से मिला सुराग पुलिस ने शादी के समय दिए गए शपथ पत्रों की जांच की, जिसमें अनुराधा का आधार कार्ड नंबर मिला। इसी आधार पर पुलिस ने उसका पूरा रिकॉर्ड खंगाला और कई तकनीकी जानकारियों निकाली। उसकी लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद उसे पकड़ा गया। कई बार पकड़े जाने पर रुपए भी लौटाएअनुराधा और विशाल के साथ एक दलाल भी होता था, जो रिश्ते करवाने में मदद करता था। विशाल खुद को अनुराधा का भाई बताकर सामने वाले परिवार से रिश्ता तय करता और शादी करवा देता। शादी के कुछ दिनों बाद अनुराधा घर से नगदी और जेवर लेकर भाग जाती थी। पुलिस ने बताया कि कई बार पकड़े जाने पर ये लोग रुपए लौटा देते थे, जिससे कई मामले कोर्ट तक नहीं पहुंचे। लेकिन जहां ये पकड़े नहीं जाते, वहां लोगों की गाढ़ी कमाई को शौक-मौज में उड़ा देते थे। नागौर और एमपी में भी रुपए लौटाने की बात सामने आई है। दलाल की तलाश जारी फिलहाल पुलिस अनुराधा और उसके पति को जेल भेज चुकी है और अब तीसरे साथी दलाल की तलाश की जा रही है, जो इस पूरे ठगी गिरोह का हिस्सा है। यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि रिश्तों के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह समाज में सक्रिय हैं और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस की सतर्कता और तकनीकी मदद से इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ, लेकिन ऐसे और कितने लोग इनके जाल में फंसे होंगे, इसका पता अब जांच से ही चलेगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation चित्तौड़गढ़ में सुबह हुई 18 एमएम बारिश:मौसम ने फिर ली करवट, मौसम विभाग ने 6 जून तक अलर्ट जारी किया 2500 रुपए रिश्वत लेते पकड़ी गई महिला संविदाकर्मी, ACB चित्तौड़गढ़ की कार्रवाई, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली योजनाओं में भ्रष्टाचार