24 News Update जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने रेप केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को एक बार फिर राहत दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने मेडिकल आधार पर दी गई अंतरिम जमानत की अवधि 7 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी है।कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह राहत 7 जुलाई तक या फिर सजा स्थगन (सस्पेंशन ऑफ सेंटेंस) पर सुरक्षित रखे गए फैसले के आने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी। गौरतलब है कि आज आसाराम की पूर्व अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त हो रही थी।सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े, जबकि अधिवक्ता निशांत बोड़ा और यशपाल सिंह राजपुरोहित कोर्ट में उपस्थित रहे। बचाव पक्ष ने दलील दी कि 86 वर्षीय आसाराम गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और उनका इलाज अभी पूर्ण नहीं हुआ है, ऐसे में लगातार मेडिकल निगरानी आवश्यक है।अधिवक्ताओं ने यह भी बताया कि सजा के खिलाफ दायर मुख्य अपील पर सुनवाई 20 अप्रैल को पूरी हो चुकी है और हाईकोर्ट ने उस पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। ऐसे में अंतिम निर्णय आने तक मेडिकल आधार पर दी गई जमानत जारी रखना उचित है।कोर्ट ने मामले की परिस्थितियों और पहले दी गई अंतरिम राहत की समयसीमा को देखते हुए जमानत अवधि बढ़ाने का आदेश दिया।गौरतलब है कि आसाराम को अगस्त 2013 में जोधपुर आश्रम में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया गया था। विशेष पॉक्सो कोर्ट ने वर्ष 2018 में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके अलावा वर्ष 2023 में गांधीनगर (गुजरात) आश्रम में एक अन्य दुष्कर्म मामले में भी उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है।मेडिकल आधार पर दी जा रही अंतरिम जमानत को कोर्ट समय-समय पर बढ़ाती रही है, और अब यह राहत 7 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अवैध बजरी परिवहन करते डम्पर जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार