24 News Udpate जयपुर, 1 सितंबर। प्रदेश में विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्कूल आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए 2026-27 से 2030-31 तक 12,335.90 करोड़ रुपए की कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है। वहीं तकनीकी सर्वे में 3,768 जर्जर विद्यालय भवन और 83,783 जर्जर कक्षा-कक्ष चिन्हित किए गए हैं।मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को शासन सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी जर्जर या असुरक्षित विद्यालय भवन अथवा कक्षा-कक्ष का उपयोग नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षित भवन, स्वच्छ शौचालय तथा पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था हर शिक्षण संस्थान में सुनिश्चित की जाए।अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा राजेश यादव ने बताया कि प्रदेश के 65,308 राजकीय विद्यालयों का तकनीकी सर्वेक्षण कराया गया है। जर्जर भवनों के उपयोग पर रोक लगाकर प्रभावित विद्यालयों में सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। नए भवन से लेकर शौचालय तक पर करोड़ों खर्चप्रस्तावित कार्ययोजना में 3,587 नए विद्यालय भवनों के निर्माण के लिए 2,487.75 करोड़ रुपए, 22,589 विद्यालयों की वृहद मरम्मत के लिए 1,129.45 करोड़ रुपए, 83,783 जर्जर कक्षा-कक्षों के स्थान पर नए कक्षा-कक्ष बनाने के लिए 8,378.30 करोड़ रुपए तथा 13,616 जर्जर शौचालयों के पुनर्निर्माण के लिए 340.40 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इस वर्ष स्कूल आधारभूत संरचना पर 3,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।मुख्य सचिव ने विद्यालयों में नल कनेक्शन अथवा वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था, पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच, स्वच्छ शौचालय, सफाई और उचित जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। चिकित्सा, तकनीकी एवं उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ निजी और मेडिकल कॉलेजों में भी इन सुविधाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। IIT जोधपुर और MNIT जयपुर के विशेषज्ञ करेंगे तकनीकी जांचराजकीय विद्यालय भवनों की स्वतंत्र तकनीकी सुरक्षा जांच के लिए आईआईटी जोधपुर और एमएनआईटी जयपुर के सिविल इंजीनियरिंग विशेषज्ञों की समिति गठित की गई है। आईआईटी जोधपुर की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जबकि एमएनआईटी जयपुर की रिपोर्ट अपेक्षित है।विद्यालय भवनों के निर्माण और मरम्मत में राष्ट्रीय भवन संहिता, एनसीपीसीआर स्कूल सुरक्षा दिशा-निर्देश, बीआईएस सहित निर्धारित तकनीकी मानकों की पालना सुनिश्चित की जा रही है। अधिकारियों को न्यायालय के निर्देशों की बिंदुवार अनुपालना और कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए गए। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation फर्जी डिग्री से सरकारी नौकरी हथियाने वाला PTI गिरफ्तार, डेढ़ साल से पुलिस से बच रहा था RPSC ने होम साइंस की विचारित सूची जारी की, 6 अभ्यर्थी पात्रता जांच के लिए चयनित