मारपीट में घायल युवक की मौत के बाद हाईवे पर शव रखकर किया था विरोध; 8 माह बाद पुलिस ने पकड़े सभी आरोपी बांसवाड़ा. घाटोल थाना क्षेत्र में आठ महीने पहले एक युवक की मौत के बाद शव को हाईवे पर रखकर मौताणे की मांग करने वाले 17 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। मामला अक्टूबर 2024 का है, जब टाटिया गांव निवासी युवक सुनील डामोर की मारपीट के बाद मौत हो गई थी। घटना का विवरण 4 अक्टूबर 2024 को टाटिया निवासी सुनील डामोर एक झगड़े में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे इलाज के लिए उदयपुर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।इसके बाद मृतक के परिजन और ग्रामीणों ने बांसवाड़ा-उदयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर रास्ता जाम कर दिया और मौताणे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इससे आवागमन अवरुद्ध हो गया। पुलिस ने उस समय भीड़ को समझाइश देकर रास्ता खुलवाया और घाटोल थाने में प्रकरण दर्ज किया। पहले 2, अब 17 और गिरफ्तार प्रारंभिक कार्रवाई में राजेश कटारा और प्रमुलाल डिन्डोर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जबकि बाकी 17 आरोपी फरार चल रहे थे।जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर लंबित मामलों के निस्तारण अभियान के तहत टीम ने 6 जून को कार्रवाई करते हुए फरार सभी 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं: मनोज डामोर मानेंग चरपोटा हुरमाल उर्फ हरपाल संजय उर्फ चंदन मनोज उर्फ मनीष वागजी डामोर कचरु उर्फ केशवलाल विनोद डामोर नारायणलाल डामोर नारायणलाल भगोरा मानसिंह डामोर अरविंद गणावा हीरालाल डामोर गोतम चरपोटा गोविंद खराड़ी तोलाराम डामोर सुभाष निनामा सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation 13 करोड़ साइबर ठगी में एक और गिरफ्तारी, हवाला के जरिए दुबई भेजे जाते थे पैसे, बांसवाड़ा का ज्वेलरी व्यापारी पकड़ा गया बांसवाड़ा में महिला की कर दी नसबंदी, तबीयत बिगड़ी तो चला पता थ्क् तीन माह की गर्भवती, जांच कमेटी का गठन