24 News Update उदयपुर, 10 सितंबर। पशुधन क्षेत्र की उभरती चुनौतियों के समाधान और पशुचिकित्सा प्रसार सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पशुचिकित्सा प्रसार सोसायटी का 11वां राष्ट्रीय सम्मेलन गुरुवार को पशुचिकित्सा महाविद्यालय, नवानिया की ओर से आरसीए सभागार में शुरू हुआ। सम्मेलन का विषय ‘पशुधन क्षेत्र की उभरती चुनौतियों के समाधान हेतु पशुचिकित्सा प्रसार सेवाओं का पुनर्विन्यास’ है। इसमें देशभर से करीब 200 पशुचिकित्सा विशेषज्ञों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।उद्घाटन सत्र में कर्नाटक पशुचिकित्सा, पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय, बीदर के कुलपति डॉ. के.सी. वीरन्ना मुख्य अतिथि, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व उपमहानिदेशक डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़ विशिष्ट अतिथि रहे। अध्यक्षता राजस्थान पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने की।महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं आयोजन समिति अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) शिव शर्मा ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। आयोजन सचिव डॉ. टीकम गोयल ने सम्मेलन की रूपरेखा और तकनीकी सत्रों की जानकारी दी।मुख्य अतिथि डॉ. के.सी. वीरन्ना ने कहा कि पशुचिकित्सा प्रसार शिक्षा केवल वैज्ञानिक जानकारी पशुपालकों तक पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वैज्ञानिकों, पशुचिकित्सकों, पशुपालकों और समाज के बीच प्रभावी संवाद का माध्यम है। उन्होंने डिजिटल तकनीक, नवाचार और आधुनिक संचार माध्यमों के उपयोग पर जोर दिया।अध्यक्ष डॉ. सुमंत व्यास ने कहा कि पशुपालकों की बदलती जरूरतों के अनुरूप प्रसार शिक्षा को लगातार पुनर्परिभाषित और पुनर्गठित करने की आवश्यकता है। उन्होंने पशुचिकित्सा प्रसार के लिए राष्ट्रीय रूपरेखा विकसित करने पर जोर दिया।डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि प्रसार का काम पशुपालकों की उन वास्तविक समस्याओं, व्यवहार और स्थानीय परिस्थितियों को समझना है, जो सामान्यतः दिखाई नहीं देतीं। उन्होंने पशुचिकित्सकों में अवलोकन, संवाद और प्रस्तुतीकरण कौशल विकसित करने की आवश्यकता बताई।सोसायटी अध्यक्ष डॉ. एन.के. सुदीप कुमार ने संस्था की गतिविधियों व उपलब्धियों की जानकारी दी, जबकि महासचिव डॉ. के. नाचीमुत्तु ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम में सम्मेलन के संकलन और सोसायटी के नए प्रतीकचिह्न का विमोचन भी किया गया। पहले दिन विभिन्न तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों ने अपने शोध निष्कर्ष एवं अनुभव साझा किए। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सूरजपोल थाना पुलिस की बड़ी कामयाबीः हत्या का आरोपी गिरफ्तार, 1500 किमी पीछा कर दबोचा उदयपुर नगर निगम समेत मावली-कानोड़ में मतदान की पूरी तैयारी; 4.33 लाख मतदाता, 331 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में होगी बंद