24 न्यूज अपडेट.उदयपुर। एक साल पहले जब एमएलएसयू मेंं पहली महिला वीसी के रूप में प्रोफेसर सुनीता मिश्रा की नियुक्ति की गई थी तो कहा गया था कि उनके आने से सुखाड़िया विश्वविद्यालय का माहौल और अधिक स्टूडेंट फ्रेंडली हो जाएगा, खास तौर पर गर्ल्स स्टूडेंट्स के मुद्दों की अच्छे से पैरवी हो सकेगी मगर एक साल बाद पता चल रहा है कि वीसी साहिबा तो गालीबाज निकलीं। छात्राओं के सवालों का जवाब आत्मा तक को छलनी कर देने वाली गालियों से दे रही हैं। इतना भी पेशेंस नहीं है कि रिजल्ट में भयंकर गड़बड़ी को लेकर आक्रोष जता रहे अपने ही विश्वविद्यालय के स्टूडेंट्स की बात तसल्ली से सुन लें। उन्हें भरोसा दिल दे कि जो भी होगा फ्री एंड फेयर होगा। लेकिन पता नहीं किस गुमान में आकर वीसी ने आज उदयपुर की एक जनजाति छात्रा को बहुत ही आपत्तिजनक, अपमानजनक और अक्षम्य गाली भेज कर अपनी सोच और संस्कारों का परिचय दे दिया और बदले में बड़ी बला मोल ले ली। अब या तो वीसी को पद से हटना होगा या फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी। जिसने भी सुना दंग रह गया, यकीं नहीं हुआ कि वीसी किसी को गाली दे सकती है। छात्र समुदाय का व्यापक आक्रोष यहां के राजनेताओं तक पहुंच गया है। पुलिस थाने में मामला दर्ज होने को है और उसके आगे आंदोलन की रणनीति बन रही है। लेकिन क्या यह सब अनायास हुआ या फिर लंबे समय से गूंज रहे अशोभनीय शब्द पहली बार गाली की शक्ल में सार्वजनिक मंच पर आ गए।हुआ यूं कि पिछले कई दिनों से अपने रिजल्ट को लेकर एमएलएसयू के स्टूडेंट प्रदर्शन कर रहे हैं। 3 अगस्त को यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से रिजल्ट को हटा दिया गया, लेकिन 6 तारीख को पता नहीं किसके दबाव में फिर से पुराने रिजल्ट को ही जारी कर दिया गया। इसके बाद कल से जोरदार प्रदर्शन फिर से शुरू हो गया। आज प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने वीसी से संपर्क करने की कोशिश की तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ आया। इस पर एक छात्र रीना खराड़ी ने वीसी को व्हाट्सएप पर मैसेज करते हुए लिखा कि मैडम दलाली बंद करो, रिजल्ट जारी करो। इस पर वीसी का रिप्लाई आया-“हराम“. यह देख कर सभी स्टूडेंट भौचक्के रह गए। उन्हें नहीं पता था कि वीसी मैडम इतनी संस्कारी हैं। घटना के बाद सभी छात्र गुस्से से आग बबूला हो गए, प्रदर्शन उग्र हो गया। छात्र प्रताप नगर थाने पर पहुंचे जहां थाने का घेराव किया और यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर सुनीता मिश्रा के खिलाफ मामला परिवाद दिया।इस मामले में अब विधायकों व सांसदों ने भी संपर्क किया है व जल्दी ही कोई बड़ा एक्शन हो सकता है। वीसी की कुर्सी जानी लगभग तय मानी जा रही है। वीसी अभी जयपुर में बताई जा रही हैं। कल ही राज्यपाल ने सख्त अनुशासन व समयबद्धता को तरजीह देते हुए सभी वीसी को काम करने की हिदायत दी थी। इधर, एनआईआरएफ इंडिया रैंकिंग्स-2024 में मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय देश के शीर्ष 100 स्टेट पब्लिक यूनिवर्सिटीज में शामिल होने की खुशी को वीसी की एक गाली ने काफूर कर दिया हैं लोग कह रहे हैं कि क्या यही है टॉप-100 में विश्वविद्यालय के आने का राज। जहां का वीसी भाषा का संयम खो रहा हो, वहां का तो भगवान ही मालिक है।इधर, जिलाध्यक्ष एनएसयूआई डॉ.मोहित नायक ने कहा कि भाषायी मर्यादा खोकर मेवाड़ की आदिवासी बेटी का अपमान करने वाली वीसी को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। यह मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की गरिमा को कलंकित करने का कृत्य है। वीसी को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। साथ ही ऐसी गालीबाज वीसी को कोई अधिकार नहीं रह जाता है कि वह 15 अगस्त को पवित्र तिरंगा फहराकर भाषण दें। छात्र संगठन की ओर से वीसी को 15 अगस्त को तिरंगा नहीं फहराने दिया जाएगा। जो आदिवासी छात्रों का सम्मान नहीं कर सकता वो देश का सम्मान नहीं कर सकता। हमारी आदिवासी बहिन रीना खराड़ी इस बार तिरंगा फहराएगी। वीसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सेवानिवृत्त वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक समूह ने मनाया द्विमासिक स्नेह मिलन अकादमियों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने की सांसद से मुलाकातओपीएस पेंशन का भुगतान कराने की रखी मांग