उदयपुर, 27 मई। उदयपुर जन्तुआलय विकास ट्रस्ट की बैठक सोमवार को संभागीय आयुक्त व ट्रस्ट अध्यक्ष राजेंद्र भट्ट की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय सभागार में हुई। बैठक में जिला कलक्टर अरविन्द पोसवाल, नगर निगम के महापौर गोविन्दसिंह टांक तथा मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एस आर वी मूर्थी भी मंचासीन रहे। बैठक में सदस्य सचिव उप वन संरक्षक वन्यजीव डीके तिवारी ने आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया। बताया कि अभ्यारण्य और बॉयोलॉजिकल पार्क के लिए निर्धारित टिकट से में ट्रस्ट को प्रति टिकट 20 रूपए प्राप्त होते हैं। वर्ष 2023-24 में ट्रस्ट की कुल आय तकरीबन डेढ़ करोड़ रही। रखरखाव सहित अन्य कामों पर कुल 3.22 करोड़ रूपए व्यय हुए। ट्रस्ट के पास अब तक की कुल बचत 5.37 करोड़ है तथा आगामी सत्र में 5.26 करोड़ के कार्य प्रस्तावित हैं। संभागीय आयुक्त ने आय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की संख्या बढऩे पर आय स्वत: बढ़ेगी। बैठक में सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में वन्यजीव ऑरंगटन (चिम्पाजी जैसी बंदर की प्रजाति) लाने पर भी चर्चा हुई। ट्रस्टी अरविन्द सिंघल ने ऑरगंटन लाने के लिए वित्तीय मदद की पेशकश की। बैठक में तय किया गया कि पहले विभागीय स्तर पर बजट के प्रयास किए जाएंगे तथा आवश्यकतानुसार श्री सिंघल से मदद ली जाएगी। बैठक में ट्यूरिस्ट गाइड की ओर से सज्जनगढ़ दुर्ग वन्यजीव अभ्यारण्य और बायॉलोजिकल पार्क में ट्यूरिस्ट गाइड के लिए भी टिकट चार्ज किए जाने का मुद्दा उठाया, जबकि अन्य स्थलों पर गाइड को छूट के प्रावधान बताए। पर्यटन उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने अवगत कराया कि यह समस्या पूर्व में भी उठाई गई तथा इसके लिए विभागीय उच्चाधिकारियों को पत्र भी लिखे गए। इस पर ट्रस्ट अध्यक्ष व संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट ने कहा कि अभ्यारण्य और बॉयोलोजिकल पार्क में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए गाइड को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। इस पर ट्रस्ट बैठक में प्रस्ताव लेते हुए केंद्र व राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त ट्यूरिस्ट गाइड को सज्जनगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य और बायोलॉजिकल पार्क में नि:शुल्क प्रवेश का निर्णय लिया गया। पूर्व सीसीएफ राहुल भटनागर ने कहा कि गर्मी और बारिश के मौसम में सांप निकलने की घटनाएं बहुत होती हैं। उदयपुर में कुछ स्नेक केचर हैं, जो सांपों को पकड़ कर वन विभाग के कर्मचारियों की देखरेख में सुरक्षित वन क्षेत्रों में छोडते हैं। पूर्व में विभाग की ओर से 100 रूपए मानदेय दिया जाता था। उन्होंने मानदेय व्यवस्था वापस शुरू करने तथा मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। अन्य सदस्यों ने भी समर्थन किया। इस पर ट्रस्ट अध्यक्ष ने मानदेय 300 रूपए किए जाने की स्वीकृति दी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation हॉस्पिटल की जांच कर न्याय दिलाने की माँग को लेकर दिया ज्ञापन उदयपुर के झाडोल से बड़ी खबर, जीप और बाइक के बीच हुईं भिडंत