24 न्यूज अपडेट. बांसवाड़ा। हर्ष वर्धन अग्रवाला, पुलिस अधीक्षक, बांसवाडा ने बताया कि केयर हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड (पूर्व में रेलिगेयर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड) के प्रतिनिधी द्वारा थाना सदर पर एक रिपोर्ट पेश कर बताया कि मृतक देवेंग पटेल पुत्र अमरेंग पटेल निवासी बोरवट हमारी बीमा कम्पनी से 50 लाख रुपये की एक्सीडेंट पॉलिसी ले रखी थी। देवेंग के पुत्र योगेन्द्र पटेल ने दिनांक 14.05.2016 को थाना सदर पर एक लिखित रिपोर्ट देकर बताया कि उसके पिता देवेंग पटेल रात्रि में पेशाब करने बाहर निकले तो अचानक पैर फिसलने से नीचे गिर गये और बेहोश हो गये, जिन्हे ईलाज हेतु महात्मा गांधी चिकित्सालय लाये और ईलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। थाना सदर पर मर्ग दर्ज कर जांच तत्कालीन एएसआई योहन कुमार, थाना सदर द्वारा की गई। लाश का पोस्टमार्टम तत्कालीन पीएमओ / मेडिकल ज्यूरिष्ट, महात्मा गांधी चिकित्सालय, बांसवाडा डॉ. रवि उपाध्याय द्वारा किया गया। जिन्होने देवेंग पटेल की मृत्यु गिरने से सिर में चोट लगने से होना बताया। जबकि मृतक देवेंग पटेल जो कि पीएचसी, बडौदिया में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत था, कैंसर के रोग से पिडित था एवं उसकी मृत्यु कैंसर के रोग के कारण दिनांक 14.05.2016 को ईलाज के दौरान हो गई थी। उपरोक्त रिपोर्ट पर थाना सदर पर प्रकरण संख्या 102/2023 पंजीबद्ध कर अनुसंधान श्री सूर्यवीर सिंह राठौड, पुलिस उप अधीक्षक, वृत्त बांसवाडा द्वारा आरंभ किया गया। अनुसंधान से पाया गया कि:-मृतक देवेंग पटेल पुत्र अमरेंग पटेल निवासी बोरवट पीएचसी, बडौदिया में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत था, कुछ वर्षों से कैंसर के रोग से पिडित था।वर्ष 2015 में मृतक देवेंग पटेल पुत्र अमरेंग पटेल निवासी बोरवट की उसके परिवार जनों ने केयर हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड (पूर्व में रेलिगेयर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड) बीमा कम्पनी से 50 लाख रुपये की एक्सीडेंट पॉलिसी ली। पॉलिसी लेते समय कैंसर के रोग के तथ्य को छिपाया गया। मृतक की दिनांक 14.05.2016 को समय 02.55 एएम पर ईलाज के दौरान महात्मा गांधी चिकित्सालय में प्राकृतिक मृत्यु हो जाने से लाश मृतक के पुत्र योगेन्द्र को सुपुर्द कर दी गई। मृतक के पुत्र योगेन्द्र पटेल ने तत्कालीन पीएमओ / मेडिकल ज्यूरिष्ट, महात्मा गांधी चिकित्सालय, बांसवाडा डॉ. रवि उपाध्याय व थाना सदर के तत्कालीन एएसआई योहन कुमार के साथ अपराधिक षडयंत्र रचकर योगेन्द्र पटेल ने दिनांक 14.05.2016 को थाना सदर पर एक लिखित रिपोर्ट देकर बताया कि उसके पिता देवेंग पटेल रात्रि में पेशाब करने बाहर निकले तो अचानक पैर फिसलने से नीचे गिर गये और बेहोश हो गये, जिन्हे ईलाज हेतु महात्मा गांधी चिकित्सालय लाये और ईलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।थाना सदर पर मर्ग दर्ज कर जांच तत्कालीन एएसआई योहन कुमार, थाना सदर द्वारा की गई। लाश का पोस्टमार्टम तत्कालीन पीएमओ / मेडिकल ज्यूरिष्ट, महात्मा गांधी चिकित्सालय, बांसवाडा डॉ. रवि उपाध्याय द्वारा किया गया। जिन्होने देवेंग पटेल की मृत्यु गिरने से सिर में चोट लगने से होना बताया।इस प्रकार आरोपीगण (1) योगेन्द्र सिंह सोलंकी पटेल पुत्र देवेंग पटेल, उम्र 29 निवासी बोरवट, थाना सदर हाल कनिष्ट लिपिक, कार्यालय खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी, तलवाडा (2) डॉ. रवि उपाध्याय पुत्र महेश चन्द्र उपाध्याय, तत्कालीन पीएमओ / मेडिकल ज्यूरिष्ट, महात्मा गांधी चिकित्सालय, बांसवाडा हाल मेडिकल ज्यूरिष्ट, सीएचसी धरियावद जिला प्रतापगढ (3) योहन कुमार पुत्र वालू जी निनामा, उम्र 63 निवासी सागवा, थाना सज्जनगढ तत्कालीन एएसआई, थाना सदर व अन्य ने षडयंत्र पूर्वक देवेंग पटेल पुत्र अमरेंग पटेल, जिसकी मृत्यु दिनांक 14.05.2016 को कैंसर के रोग से प्राकृतिक परिस्थिती में मृत्यु हुई थी. एक्सीडेन्ट का बीमा क्लेम प्राप्त करने के लिये देवेंग की मृत्यु घर के बाहर पेशाब करते समय अचानक पैर फिसलने से गिरने एवं सिर में चोट आने से एक्सीडेंट मृत्यु होना बताकर मिथ्या दस्तावेज व साक्ष्य तैयार किये। अनुसंधान अधिकारी ने उपरोक्त तीनों आरोपीगणों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनसे विस्तृत पूछताछ जारी है। आरोपी योगेन्द्र ने अपने पिता की मृत्यु एक्सीडेंट में होना बताकर एलडीसी के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त की। शेष आरोपियों को नामजद कर लिया गया है। प्रकरण में अनुसंधान जारी है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation नसबंदी में खेरवाड़ा प्रथम, गिर्व दूसरे स्थान पर नेता तालाब में मरी मिली 20-25 किलो की 40 से 45 मछलियां आखिर कैसे हुई मौत….