उदयपुर। ग्राम पंचायत खजूरी और बारापाल के बीच धराल माताजी की मूर्ति को 19 अप्रेल रात्रि को बंद मंदिर में घुसकर कुछ असामाजिक लोगों ने खंडित कर मूल स्थान से हटाकर दूर फेंक दी जिस पर ग्रामवासियों व आस पास के गाँवों के लोगों मे गहरा रोष व्याप्त हो गया। घटना पर ग्राम वासियों की ओर से 19 अप्रैल को थाना गोवर्धन विलास उदयपुर में लिखित रिपोर्ट भी दर्ज कराई गयी, लेकिन अब तक प्रकरण में किसी भी अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं की गई, ना ही कोई ठोस कार्रवाई अमल में लाई गई है। इस पर रविवार को ग्राम वासी एवम आस पास के गाँवों के सैंकड़ों लोग एवम विभिन्न संगठनों के जन प्रतिनिधि जिला कलेक्ट्री उदयपुर मे एकत्रित हुए और दोषी अभियुक्तो ंकी 48 घंटे में गिरफ्तारी के लिए जिला कलेक्टर एवम पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन मे मांग की गई कि दोषी सभी अभियुक्तों की 48 घंटे मे गिरफ्तारी की जाए,आए दिन आसपास के क्षेत्र में चोरियां आदि आपराधिक गतिविधियां बाहर के लोग कर रहे हैं। ठोस कार्रवाई की जाए तथा बाहरी लोगों की जांच कर पाबंदी लगाई जाए एवम वर्तमान समय में उक्त पंचायत में निवासरत ग्रामीण बंधु सभी अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, उनके सुरक्षा के लिए उचित ठोस व्यवस्था हो। जिला कलेक्ट्री में उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, हिन्दू जागरण मंच प्रांत संयोजक रविकांत त्रिपाठी,बारापाल एवम खजुरी ग्राम पंचायत से कालुलाल मीणा,लक्षमण, नाकु, तेजा, हुरजी, मांगिलाल, रमेश, शिवजी, वेलाजी, हरीश, राकेश, बाबूलाल, मोहन, गोतम, लालूराम, प्रकाश, राजेश मीणा, अरुण कटारा, कालुलाल, सोमा, बाबूलाल, मावा, प्रभुलाल, रामलाल, नाथू कटारा, नारायण, संदीप, आशीष, कांतिलाल, सुरेश, मोहन, उँकार सहित कमलेंद्र सिंह पँवार, अर्चना शर्मा,कुंदन चौहान सहित बजरंग सेना,गरबा एवम गणपति समारोह समिति,सज्जन नगर नवयुवक मंडल सहित सैंकड़ों लोग उपस्थित थे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation ि़त्रशला नंदन वीर की, जय बोला महावीर की गौशाला से अस्थि कलश लेकर दो बसों से हरिद्वार हुए रवाना