24 न्यूज अपडेट.जयपुर। राजस्थान में तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी है। सीकर, चूरू, झुंझुनूं के अलावा उदयपुर, चित्तौड़गढ़, बारां, करौली, हनुमानगढ़ में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे चल रहा है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के विशेषज्ञों ने दिसंबर में पहले सप्ताह की शुरुआत में सर्दी तेज होने की संभावना जताई है। बताया गया कि वर्तमान में एक वेस्टर्न डिर्स्टबेंस जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के एरिया पर आ गया है। इस सिस्टम के असर से इन राज्यों में आज और कल हल्की बारिश और कहीं-कहीं बर्फबारी होगी। इस सिस्टम के आगे जाने के बाद 3-4 दिसंबर से राज्य में उत्तरी हवा चलनी शुरू होगी। इससे राजस्थान के तापमान में बड़ी गिरावट होगी। तेज सर्दी की शुरुआत होगी। अगर पिछले 24 घंटे के दौरान मौसम को देखें तो दिन और रात के तापमान में गिरावट हो रही है। सीकर में पारा 7.5 डिग्री सेल्सियस, पिलानी में 9.1, उदयपुर में 9.6, चित्तौड़गढ़ में 9.8, चूरू में 8.6, बारां में 8.8, हनुमानगढ़ में 9.5, करौली में 9.4 और फतेहपुर में 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अधिकतम तापमान की बात करें तो जैसलमेर में कल अधिकतम तापमान गिरकर 31.7 डिग्री सेल्सियस, बाड़मेर 31.8 डिग्री, बीकानेर में 30, जालोर में 30.3 डिग्री और जोधपुर में 29.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। जयपुर में भी कल अधिकतम तापमान 2.2 डिग्री गिरकर 26 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजस्थान में तेज सर्दी का दौर दिसंबर के पहले सप्ताह से शुरू होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तर भारत में एक्टिव वेर्स्टन डिर्स्टबेंस के जाने के बाद जब उत्तरी हवा चलेगी तो उससे राजस्थान में तापमान तेजी से गिरेंगे। संभावना है कि 3-4 दिसंबर या उसके बाद कुछ शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक आ जाए। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जीएनएम व संगणक भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी, दोगुना अभ्यर्थियों को शॉर्ट लिस्ट किया 1 से 4 दिसंबर तक राज्य की सभी 247 मंडियां बंद रखने का ऐलान, कृषक कल्याण शुल्क का विरोध?