24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। पूरे देश में इन दिनों नीट परीक्षा को लेकर घमासान मचा हुआ हैं। कई नामी अध्यापकों के समर्थन के बाद पूरे देश में विरोध की ऐसी लहर चल रही है जिस पर 23 लाख स्टूडेंट, उनके वेल विशर और पेरेंट्स जुड़े हुए हैं। कई नमा शिक्षकों ने बच्चों के हित को देखते हुए मोर्चा संभाल रखा है। ऐसी-ऐसी गलतियां सामने लाई गई है जिससे देख कर केंद्र सरकार और उसकी परीक्षा एजेंसी एनटीए हिल गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंंस करके सफाइयां देनी पड़ रही है। भारी विरोध के बाद अब जाकर जांच कमेटी बिठाई गई है ताकि बोनस मार्क्स सहित अन्य मुद्दों पर सफाई दी जा सके। क्योंकि मामला डाक्टर बनने का है। यदि नकल करके डाक्टर बन जाएंगे तो फिर देश के स्वास्थ्य से खुलेआम खिलवाड़ होना तय है। विरोध की इस लहर पर परसों एनएसयूआई सवार हुई और पूरे देश में प्रदर्शन किया। उदयपुर में भी प्रदर्शन हुए। आज एबीवीपी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और “एनटीए, नीट-यूजी परीक्षा की प्रकिया तथा परिणाम की हो शीघ्र सीबाआई जॉंच, दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद,उदयपुर महानगर के बैनर तले किया गया। अभाविप चित्तौड़ प्रांत मंत्री हर्षित ननोमा ने बताया कि राष्ट्रीय पात्रता सह-प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी 2024) के आयोजन के दौरान गड़बड़ियों तथा परीक्षा परिणाम घोषित होने के उपरांत प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया व परीक्षा परिणाम पर उठ रहे प्रश्नों के समाधान के लिए सीबीआई जॉंच की मांग करती है। इस परीक्षा के आयोजन के दिन ही देश के अलग-अलग हिस्सों में गड़बड़ियां सामने आईं थी तथा अलग-अलग स्थानों पर सॉल्वर पकड़े गए, साथ ही कुछ स्थानों पर प्रश्न पत्र बांटने आदि में भी गड़बड़ी मिली। विद्यार्थी परिषद, नीट परीक्षा के अभ्यर्थियों की उचित मॉंगों के साथ है। मेडिकल संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा की पारदर्शिता पर विद्यार्थियों के बीच संदेह है। नीट-यूजी की परीक्षा के दिन भी देश के अलग-अलग स्थानों पर व्यवस्था की गड़बड़ियां सामने आईं थीं। इससे यह भी स्पष्ट हो गया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परीक्षा के आयोजन के लिए आवश्यक तैयारियां नहीं की थी। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने कहा कि नीट-यूजी की परीक्षा परिणाम के संदर्भ में अभ्यर्थियों के बीच गड़बड़ी का संदेह है, इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जॉंच होकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। नीट के परीक्षा परिणाम में एक ही सेंटर से कई टॉपर्स होने से इस वर्ष के परीक्षा परिणाम पर कई तरह से संदेह उत्पन्न हो रहा है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी पर पहले भी यूजीसी-नेट आदि परीक्षाओं के आयोजन के संदर्भ में सवाल खड़े हुए थे। नीट परीक्षा के आयोजन में जो गड़बड़ियां हुईं हैं, उसके लिए इस पूरे विषय से सम्बद्ध ब्यूरोक्रेसी जिम्मेदार है। अभाविप की प्रदेश कार्यकारणी सदस्य उपनिषद प्रजापत् ने कहा कि नीट परीक्षा परिणाम आने के बाद विद्यार्थियों की आत्महत्या करने की मामले हुए हैं, यह अत्यंत दुखद है। इस मामले में उचित कार्रवाई होनी चाहिए जिससे छात्रों में परीक्षा के आयोजन को लेकर भरोसे की स्थिति बने। इस अवसर पर् देवदत् पारिक्, त्रिभुवन सिंह, युवराज सिंह,महेंद्र जाट, हेमेंद्र पंवार, चंद्र किरण देवड़ा, दिव्या चौहान, सुमन कंवर, पार्थ दिक्षित, पृथ्वीराज सिंह रुद्र प्रताप सोनी चिराग दायमा चिराग सोनी आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उदयपुर में मूसलाधार, चार दिन रहेगा प्री मानसून के बादलों का डेरा शिक्षक व शिक्षाधिकारियों की अटकी पदोन्नतियां से स्कूलों एवं कार्यालयों की व्यवस्थाएं चरमराई , राजस्थान पंचायतीराज एवं माध्यमिक शिक्षक संघशिक्षा निदेशक को भेजा 11 सूत्रीय मांगपत्र