24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। गोवर्धनविलास पुलिस ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध देशी कट्टा बेचने की फिराक में घूम रहे तीन थानों के वांछित अपराधी रोहित निमावत उर्फ आरडीएक्स (उम्र 23 वर्ष) पुत्र दुर्गेश निमावत निवासी होली घाटी फलासिया, थाना फलासिया को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक देशी कट्टा बरामद हुआ है। उसके खिलाफ गोवर्धनविलास थाने में प्रकरण संख्या 150/25 धारा 3/25, 5/25, 25(6) आर्म्स एक्ट व धारा 111(2)(11), 111(3), 111(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) गोपाल स्वरूप मेवाड़ा के सुपरविजन तथा वृत्ताधिकारी गिर्वा सूर्यवीर सिंह राठौड़ के निर्देशन में थाना गोवर्धनविलास के थानाधिकारी दिलीप सिंह झाला मय टीम ने यह कार्रवाई की। आरोपी रोहित निमावत उर्फ आरडीएक्स सुखेर थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास, हिरणमगरी थाना क्षेत्र में अपहरण व मारपीट और गोवर्धनविलास क्षेत्र में अवैध पिस्टल दिखाकर धमकाने के मामलों में वांछित था।ऐसे पकड़ा गया आरोपीदिनांक 21 अप्रैल 2025 को पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक अवैध देशी कट्टा बेचने की फिराक में जोगी तालाब की पाल पर घूम रहा है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर एक सादा वर्दी में जवान को आरोपी से पिस्टल खरीदने के बहाने भेजा। जैसे ही आरोपी ने कट्टा बेचने पर हामी भरी, जवान ने इशारा कर दिया और थानाधिकारी दिलीप सिंह झाला मय टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक देशी कट्टा बरामद हुआ, जिसके संबंध में वह कोई दस्तावेज नहीं दे सका।पूछताछ में रोहित ने बताया कि वह अपने साथियों हनी निमावत उर्फ डोनेश निवासी खटीकवाड़ा, थाना हाथीपोल, और अंश गहलोत निवासी नाईवाड़ा, थाना धानमंडी के साथ मिलकर संगठित अपराध करता है। तीनों की गैंग का विवाद विरेंद्र निमावत निवासी खटीकवाड़ा से चल रहा था। पूर्व में हनी और अंश ने विरेंद्र पर तलवार और लाठियों से हमला किया था। इस मामले में दोनों गिरफ्तार होकर वर्तमान में जेल में बंद हैं। रोहित को यह हथियार उसी गैंग द्वारा दुश्मनी निकालने के लिए दिया गया था। गैंग के अन्य दो सदस्य जेल चले जाने के बाद रोहित अकेले विरेंद्र को नुकसान पहुंचाने की नीयत से हथियार लेकर घूम रहा था।पैसों की किल्लत के चलते रोहित ने अवैध कट्टा बेचने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते वह पकड़ा गया। इस संगठित अपराध गैंग के तीनों सदस्य अपहरण, हथियार दिखाकर धमकाना, फायरिंग और हमले जैसी घटनाओं में लिप्त रहे हैं।गंभीर आपराधिक रिकॉर्डआरोपी रोहित निमावत उर्फ आरडीएक्स के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 5 मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, बलात्कार, पोक्सो एक्ट और हत्या का प्रयास शामिल हैं।उसके साथी हनी निमावत उर्फ डोनेश पर हत्या का प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट व धमकाने के 10 मामले दर्ज हैं, जबकि अंश गहलोत पर चोरी, मारपीट, लूट, हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट के 8 प्रकरण दर्ज हैं।वांछित मामलों का विवरणथाना गोवर्धनविलास – प्रकरण संख्या 08/24 धारा 341, 307 भादंसं व 3/25 आर्म्स एक्ट:दिनांक 31.12.2023 को ग्रीन होटल, सुरफलाया पर पिस्टल और तलवार से हमला कर भाग गया था। पीड़ित गुरविंदर सिंह निवासी देवनगरी बलिचा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।थाना सुखेर – प्रकरण संख्या 128/25 धारा 341, 324, 307, 147, 148, 149, 109 भादंसं:दिनांक 08.03.2024 को कैलाशपुरी मंदिर दर्शन को गए उमेश गिरी और उसके बेटे पर चाकू से हमला किया गया था। शिकायतकर्ता सुषमा गोस्वामी पत्नी अशोक गिरी निवासी झीणीरेत चौक सुरजपोल हैं।थाना हिरणमगरी – प्रकरण संख्या 504/24 धारा 115(2), 140(3), 3(5) बीएनएस:दिनांक 16.12.2024 को सेक्टर 5 पार्क में प्रिंस जाट निवासी मना खेड़ा पर हमला कर अपहरण कर मुंह पर पेशाब कर दिया गया था। प्रिंस की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था।पुलिस टीम की भूमिकागिरफ्तारी में गोवर्धनविलास पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। टीम में शामिल थे –दिलीप सिंह झाला, थानाधिकारीमनोहर सिंह, सउनिभगवती लाल, हैडकानि 1481प्रहलाद पाटीदार, हैडकानि 1103दिनेश सिंह, कानि 678अंकित सिंह, कानि 1719सुरेन्द्र सिंह, कानि 2813जितेन्द्र सिंह, कानि 2801लोकेश रायकवाल, साईबर सैल Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बिना लाईसेंस दुपहिया वाहन किराए पर देना पड़ा महंगापरिवहन विभाग ने 6 व्यवसायियों के खिलाफ की कार्यवाही जीवन की कठिन साधना के साधक थे नन्द बाबू : विष्णु नागरनन्द चतुर्वेदी स्मृति व्याख्यान में हुआ साहित्य के बदलते परिदृश्य पर मंथन