24 न्यूज अपडेट. प्रतापगढ़। जिले की अरनोद थाना पुलिस ने जिला परिषद का फर्जी कर्मचारी बनकर सरकारी योजनाओं का लाभ एवं नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रूपयों की ठगी करने के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसे न्यायालय में पेश कर पुलिस अभिरक्षा में लिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी साइबर ठगी करने का शातिर व आदतन अपराधी है। थाना प्रभारी हजारीलाल ने बताया कि 11 दिसंबर को फतेहगढ़ के सरपंच भैरूलाल पुत्र पिता राजिया मीणा निवासी फतेहगढ़ ने रिपोर्ट दी कि 12 नवंबर को उसके मोबाइल पर फोन आया। उक्त युवक ने उसका नाम कमलेश सुथार बताया। कहा कि वह जिला परिषद प्रतापगढ़ मैं लिपिक है। ग्राम पंचायत में पढ़ी लिखी लड़कियों की सूचना भेजो और सभी के आधार कार्ड व परिवार के जन आधार कार्ड भी भेजो। जिससे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना में सभी लड़कियों को जोड़ा जाएगा। जिसमें प्रत्येक को 75 हजार हजार रुपए प्रति लड़की को दिलाया जाएगा। उसकी बातों का विश्वास किया और सभी लड़कियों के आधार व जन आधार इस व्यक्ति को भेजे। इसने प्रत्येक लड़की से फार्म व आवेदन फीस के नाम से तीन हजार रुपए मांगे।जिन्होंने कुल 23 हजार 500 रुपए उसके खाते में अलग-अलग दिन में जमा करा दिए। लड़कियों को मिलने वाले फायदे के चैक की मांग की तो लगातार टालमटोल का जवाब दिया। शंका हुई तो पता चला कि कमलेश सुथार के नाम का कोई भी व्यक्ति जिला परिषद में काम नहीं करता है और ना ही कोई कर्मचारी जिला परिषद में कार्यरत है। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में उसने कई खुलासे किया। उसने बताया कि वर्ष 2018 में श्रम विभाग की जानकारी देकर लोगों से 35 हजार रुपए ठगने पर थाना हिरण मगरी में मामला दर्ज किया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और जेल भेजा। इसके बाद बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना के झांसा देकर 12 हजार रुपए ठगे। इस पर थाना सुखेर में मुकदमा दर्ज हो गया और जेल चला गया। इसके बाद आंगनबाडी विभाग में कार्यरत एक महिला कर्मचारी से सम्पर्क किया व आंगनबाडी केन्द्र में महिलाओं को नौकरी लगाने की जानकारी दी। ई-मित्र संचालक देवीलाल पटेल निवासी नावडा से सम्पर्क कराया। यहां करीबन छह माह तक काम किया। उस काम से करीब बारह लाख रुपए कमाया। प्रतापगढ़ पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की सहायता से पुलिस टीम व सराडा थाने की पुलिस टीम की सहायता से कमलेश पुत्र कालुलाल सुथार निवासी सलुम्बर को डिटेन किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह लोगों के साथ नकली सरकारी कर्मचारी बन कर सरकारी योजनाओं के नाम पर फ्रॉड करके पैसे कमाता है। आरोपी सें और भी साइबर ठगी के मामले में खुलासा होने की संभावना है Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation भारत करेगा प्रथम खो खो वर्ल्ड कप की मेजबानी मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के प्रस्तावित शाहपुरा के दौरे हेतु जिला प्रशासन ने लिया तैयारियों का जायजा