24 News Update पाली. जिले में एक शिक्षक के सेवानिवृत्ति दिवस को उनके विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने ऐसा यादगार बना दिया, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। रोहट क्षेत्र के भाकरीवाला गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में कार्यरत शिक्षक दाऊलाल सैन के रिटायरमेंट पर गांव और आसपास के इलाकों के लोगों ने उन्हें शादी की तरह सम्मानित विदाई दी। स्कूल से लेकर उनके घर तक पूरे 9 किलोमीटर का सफर घोड़े, डीजे और फूलों की बरसात के साथ तय कराया गया।31 दिसंबर को शिक्षक दाऊलाल सैन के सेवानिवृत्त होने पर भाकरीवाला गांव सहित आसपास के करीब 20 गांवों के ग्रामीणों ने प्रशासक अमराराम बेनीवाल के नेतृत्व में भव्य समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया। रिटायरमेंट के दिन ग्रामीणों ने शिक्षक को स्कूल परिसर से घोड़े पर बैठाया और डीजे की धुनों पर नाचते-गाते हुए बिंदौरी निकाली। इस दौरान छात्रों और ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बन रहा था।बिंदौरी स्कूल से निकलकर भाकरीवाला गांव होते हुए सरदारसमंद फार्म स्थित शिक्षक के घर तक पहुंची। पूरे रास्ते शिक्षक पर फूल बरसाए गए। कहीं जेसीबी पर चढ़कर फूलों की बारिश की गई तो कहीं ग्रामीणों ने मालाओं से शिक्षक को लाद दिया। रास्ते में बड़ी संख्या में लोग यह दृश्य देखकर एकत्र हो गए। कई लोगों को पहले यह शादी की बिंदौरी लगी, लेकिन जब उन्हें शिक्षक के रिटायरमेंट समारोह की जानकारी मिली तो वे भी सम्मान में शामिल हो गए।घर पहुंचाने से पहले ग्रामीणों ने शिक्षक को कार में बैठाकर गांव में भी घुमाया और पूरे सम्मान के साथ उन्हें विदाई दी। विदाई समारोह के दौरान ग्रामीणों ने शिक्षक दाऊलाल सैन को आधा तोला सोने की अंगूठी और 11 हजार रुपए नकद भेंट किए। ग्रामीणों का कहना था कि आपने हमारे बच्चों को अच्छे संस्कार और शिक्षा दी, स्कूल के विकास में अहम भूमिका निभाई, यह सम्मान उसी का प्रतिफल है।सम्मान पाकर शिक्षक दाऊलाल सैन भी भावुक हो गए। उन्होंने भी स्कूल के प्रति अपने लगाव को दिखाते हुए विद्यालय विकास के लिए 51 हजार रुपए देने की घोषणा की। समारोह के दौरान कई विद्यार्थियों की आंखें भी नम नजर आईं, जिन्होंने अपने प्रिय शिक्षक को इस तरह विदा किया।दाऊलाल सैन ने बताया कि वे अविवाहित हैं और 28 मार्च 1992 को सरकारी सेवा में नियुक्त हुए थे। वर्ष 2013 से वे भाकरीवाला गांव के स्कूल में सेवाएं दे रहे थे, जहां वे 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को इतिहास विषय पढ़ाते थे। वर्ष 2018 में स्कूल भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपनी जेब से एक लाख रुपए खर्च कर जीर्णोद्धार कार्य की शुरुआत की थी। इसके बाद भामाशाहों को प्रेरित कर करीब 38 लाख रुपए की राशि एकत्रित की गई, जिससे स्कूल का कायाकल्प हो सका। रिटायरमेंट के समय वे स्कूल में उप प्राचार्य के पद पर कार्यरत थे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मंदसौर में घर में घुसकर की हत्या,आरोपी ने खुद को भी मारी गोली, पत्नी पति सहित तीन की मौत युवा व्यवसायिक शिक्षा से व्यक्तित्व विकास करें – सुनील कुमार,बख्तविलास मे 10 दिवसीय ओजेटी प्रशिक्षण शिविर का समापन