24 News Update नई दिल्ली | किंगफिशर एयरलाइंस के संस्थापक और शराब कारोबारी विजय माल्या ने नौ साल की चुप्पी तोड़ते हुए पहली बार यूट्यूब पॉडकास्ट में अपनी बात रखी। 6,200 करोड़ रुपए के बैंक लोन विवाद में घिरे माल्या ने दावा किया कि वे चोर नहीं हैं, उन्होंने भागने की योजना नहीं बनाई थी, और बैंकों ने उनसे 14,131 करोड़ रुपए की वसूली की है, जो मूल कर्ज से ढाई गुना है। माल्या ने बताया कि 2 मार्च 2016 को वे जेनेवा में FIA की बैठक में शामिल होने के लिए लंदन रवाना हुए थे, और उन्होंने उस वक्त के वित्त मंत्री अरुण जेटली को इसकी जानकारी दी थी। उनका कहना है कि पासपोर्ट रद्द हो जाने के कारण वे लंदन में अटक गए। “यह कोई एस्केप प्लान नहीं था, और मुझे ‘भगोड़ा’ या ‘चोर’ कहना गलत है।”किंगफिशर की कहानी: सपने से संकट तक2005 में बेटे सिद्धार्थ के 18वें जन्मदिन पर शुरू हुई किंगफिशर एयरलाइंस को माल्या ने कम कीमत पर प्रीमियम फ्लाइंग अनुभव देने के उद्देश्य से शुरू किया था। 2008 तक यह भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन बन गई थी। लेकिन वैश्विक मंदी, तेल की बढ़ती कीमतें, और सरकार की नीतियों ने कंपनी को भारी घाटे में डाल दिया। उन्होंने UB ग्रुप से 3,000 करोड़ लगाए, लेकिन 2012 में एयरलाइन बंद हो गई। माल्या ने कहा, “कुछ कर्मचारियों की सैलरी नहीं दे पाया, यह मेरी असफलता रही। कोई बहाना नहीं है।” उन्होंने कर्नाटक हाईकोर्ट में 260 करोड़ रुपए रिलीज कराने की याचिका भी दायर की थी, लेकिन बैंकों की आपत्तियों के चलते राशि जारी नहीं हो सकी। माल्या ने बताया कि उन्होंने 17 बैंकों से 6,203 करोड़ का लोन लिया था। लेकिन अब तक बैंकों ने उनकी संपत्तियों से 14,131.6 करोड़ रुपए वसूल कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि 2012 से 2015 के बीच वे चार बार सेटलमेंट ऑफर दे चुके हैं, जिनमें एक 5,000 करोड़ का ऑफर भी शामिल था, जिसे बैंकों ने ठुकरा दिया।CBI और ED के आरोपों को बताया बेबुनियादCBI ने माल्या पर ब्रांड वैल्यूएशन और प्राइवेट जेट के दुरुपयोग का आरोप लगाया, जबकि ED ने 3,547 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है। इस पर माल्या ने कहा, “हमारी एयरलाइन के 50% खर्च विदेशी मुद्रा में थे, यह मनी लॉन्ड्रिंग कैसे हुआ? IDBI बैंक का 900 करोड़ रुपए का लोन भी चुका चुका हूं।” माल्या ने बताया कि उनका जन्म कोलकाता में हुआ। उनके पिता विट्ठल माल्या, UB ग्रुप के चेयरमैन थे। “18 साल की उम्र में मुझे एक छोटी कंपनी का CEO बनाया गया। 27 साल की उम्र में पिता के निधन के बाद UB ग्रुप संभाला।” उन्होंने किंगफिशर बीयर को युवाओं का ब्रांड बनाया, मैकडॉवेल्स को विश्व की नंबर-1 व्हिस्की बनाया और बर्जर पेंट्स को 25 देशों में फैलाकर बेचा।“भारत में बिजनेस करना आसान नहीं”माल्या ने कहा, “भारत की नौकरशाही बिजनेस की सबसे बड़ी बाधा है। 29 राज्यों की अलग-अलग नीतियां हैं। नेताओं की चुनावी मांगें भी बड़ी चुनौती होती हैं। मैंने कभी रिश्वत नहीं दी, सिर्फ शराब दी क्योंकि मेरी कंपनी सबसे बड़ी थी।” अपने 60वें जन्मदिन की पार्टी पर उठे विवाद को लेकर उन्होंने कहा, “यह पार्टी मैंने अपनी जेब से दी थी। अगर लंदन में करता तो शायद किसी को खबर न होती।” माल्या ने कहा कि वह लंदन में छह कुत्तों के साथ रहते हैं। उनकी आय विदेशी शराब कंपनियों से होती है। वे कहते हैं, “अगर भारत में निष्पक्ष सुनवाई मिले तो लौटने को तैयार हूं, चाहे जेल ही क्यों न हो।”“मेरे काम को धोखाधड़ी न समझें”उन्होंने अंत में कहा, “मैं चाहता हूं कि लोग मुझे 1.75 लाख करोड़ की मार्केट कैप बनाने वाले मेहनती बिजनेसमैन के रूप में याद करें, न कि चोर के रूप में। भारत में बिजनेस फेल हो जाए तो उसे फ्रॉड मान लिया जाता है।” माल्या ने बताया कि उन्होंने सबरीमाला और तिरुपति मंदिरों में सोना दान किया है और ईश्वर में विश्वास रखते हैं। “अगर यह कठिन समय भगवान की इच्छा है, तो मैं उसे स्वीकार करता हूं।” भारत सरकार विजय माल्या को प्रत्यर्पित कर भारत लाने के लिए कानूनी प्रयास जारी रखे हुए है। लंदन की अदालतों में यह मामला अभी भी लंबित है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation भारतीय रेल ने विश्व पर्यावरण दिवस पर चलाया विशेष जागरूकता अभियान, 150 टन प्लास्टिक कचरे का हुआ निपटान बेंगलुरु भगदड़ मामलाः हाईकोर्ट से क्रिकेट एसोसिएशन को राहत