24 News Update वॉशिंगटन/सिनसिनाटी। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेम्स डेविड (जेडी) वेंस के ओहायो राज्य के सिनसिनाटी शहर में स्थित निजी आवास पर हमला किए जाने की घटना सामने आई है। अमेरिकी मीडिया नेटवर्क सीएनएन के अनुसार, अज्ञात व्यक्ति ने उपराष्ट्रपति के घर की खिड़कियों को नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ जारी है।अधिकारियों के अनुसार, रविवार देर रात करीब 12:15 बजे उपराष्ट्रपति के आवास के आसपास एक व्यक्ति को भागते हुए देखा गया था, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी घर के भीतर प्रवेश करने में सफल नहीं हो सका। राहत की बात यह रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनका परिवार घर पर मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि यह घटना उपराष्ट्रपति या उनके परिवार को निशाना बनाकर की गई सुनियोजित कार्रवाई थी या फिर किसी अन्य कारण से की गई तोड़फोड़। मामले की गंभीरता को देखते हुए संघीय सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। मीडिया की ओर से व्हाइट हाउस और अमेरिकी सीक्रेट सर्विस से प्रतिक्रिया मांगी गई है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक किसी भी स्तर पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।सूत्रों के अनुसार, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पिछले एक सप्ताह से सिनसिनाटी में थे, हालांकि वह रविवार दोपहर शहर से रवाना हो चुके थे। बताया जा रहा है कि वेंस ने इस आवास को लगभग 14 लाख अमेरिकी डॉलर में खरीदा था और यह संपत्ति बड़े भू-भाग में फैली हुई है।अमेरिका के संवैधानिक पदाधिकारियों की सुरक्षा से जुड़ी इस घटना ने एक बार फिर वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation दिल्ली दंगे के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद–शरजील इमाम को जमानत से किया इनकार, पाँच आरोपियों को सशर्त राहत, उमर–शरजील एक साल तक नई याचिका नहीं दे सकेंगे विशेष संपादकीय : शीर्ष से शीर्षासन तक मालवीया की अवसरवादी राजनीति : हाथ में कमल थामे क्या कर सकेंगे ‘मन की बात’!! भूरेटिया नी मानूं रे…..