-स्वीकृति मिलते ही जनजाति क्षेत्र के गांव जुडेंगे सडक से 24News Update. उदयपुर। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत अब 50 से 250 तक की जनसंख्या वाले गांवों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत जोडा जाएगा। इसके लिए सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने 134 गांवों को सडक से जोडने के लिए प्रस्ताव केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम को भेजा है। इसकी स्वीकृति मिलते ही सालों से वंचित गांव भी पक्की सडक से जुड जाएंगे।सांसद डॉ रावत ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत 250 से ज्यादा जनसंख्या वाले गांवों को ही पक्की सडक से जोडने का प्रावधान है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत उन गांवों को भी इस योजना से जोडने की घोषणा की है, जिनकी संख्या 50 से लेकर 250 तक है। प्रधानमंत्री की इस दूरदर्शी सोच से आदिवासी क्षेत्रों के हजारों गांव पक्की सडक से जुड जाएंगे। सांसद डॉ रावत ने कहा कि सडक योजना से छोटे-छोटे गांव जुड जाने से जनजातीय क्षेत्र का विकास तेजी से होगा। खासतौर पर पक्की सडक मिलने से मेडिकल सुविधा का लाभ भी तत्काल ले सकेंगे।सांसद डॉ रावत ने बताया कि उदयपुर लोकसभा क्षेत्र के अन्तर्गत जिला डूंगरपुर जिले के आसपुर ब्लॉक में कुल 134 ग्रामों की सूची तैयार करवाई है जिनकी जनसंख्या 50 से 250 तक है। ये सभी ग्राम पूर्णतया जनजातीय बाहुल्य होकर धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में भी शामिल है। इन 134 ग्रामों में कुल 245.70 कि.मी. सड़क निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अन्तर्गत किया जाना है जिसकी अनुमानित लागत 171.99 करोड़ रुपये है। इसका प्रस्ताव विभाग द्वारा तैयार किया गया है। योजना के तहत स्वीकृति मिलते ही वंचित गांवों में सडक निर्माण का काम शुरु किया जाएगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उदयपुर: स्कूल मालिक पर जमीन पर जबरन कब्जा और धमकी देने का आरोप, पुलिस से कार्रवाई की मांग एमपीयूएटी ने प्रदेश में शुरू किया पहला कम्युनिटी रेडियो स्टेशन