24News Update. उदयपुर. महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) अब प्रदेश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय बन गया है, जिसने कम्युनिटी रेडियो स्टेशन शुरू किया है। प्रसार शिक्षा निदेशालय परिसर में ढाई वर्ष की मेहनत के बाद तैयार हुए रेडियो स्टेशन का लोकार्पण कुलगुरू डॉ. अजीत कुमार कर्नाटक ने किया।एमपीयूएटी प्रताप रेडियो 90.4 एफ.एम. पर प्रतिदिन कार्यक्रम प्रसारित होंगे। स्टेशन से खासकर उदयपुर जिले के दूरदराज के आदिवासी क्षेत्र और ग्रामीण इलाकों के किसानों, पशुपालकों और महिलाओं तक कृषि, उद्यानिकी, शूकर पालन, फसल बीमा और स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी पहुँचाई जाएगी। इसके साथ ही मनोरंजन, शिक्षा और समाज उत्थान से जुड़े कार्यक्रम भी प्रसारित किए जाएंगे।समारोह में ऑनलाइन शामिल शहर विधायक ताराचंद जैन ने कहा कि डिजिटल युग में भी रेडियो की महत्ता कम नहीं हुई है। यह सस्ता, सुलभ और सार्वभौमिक माध्यम है, जो सूचना और शिक्षा के साथ मनोरंजन भी प्रदान करता है।कुलगुरू डॉ. कर्नाटक ने बताया कि रेडियो तनाव कम करने में सहायक है और यह किसानों की आय बढ़ाने तथा बच्चों के स्वस्थ मनोरंजन में मददगार होगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के परिपत्र के बाद प्रदेश के पांचों कृषि विश्वविद्यालयों ने प्रयास किया, लेकिन एमपीयूएटी को ही सफलता मिली।विशिष्ट अतिथि निदेशक अनुसंधान डॉ. अरविंद वर्मा और पूर्व प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. आर.ए. कौशिक ने बताया कि स्टेशन से 25 किलोमीटर के परिक्षेत्र में सीमावर्ती और दूरदराज के गांवों में प्रसारण किया जा सकेगा।प्रारंभिक प्रसारण सोमवार से शुक्रवार, सुबह 11 बजे से 1 बजे तक होगा, जिसे भविष्य में बढ़ाया जाएगा। रेडियो का उद्देश्य समुदाय के विकास के लिए जानकारी देना, स्थानीय वाणी को मंच प्रदान करना, कृषि और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुँचाना, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रसारित करना और किसानों के अनुभव साझा करना है।उद्घाटन कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के आठ कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रमुख, कृषि वैज्ञानिक, वल्लभनगर क्षेत्र की 40 से अधिक कृषि सखियां, प्रसार शिक्षा निदेशालय के अधिकारी और तकनीकी स्टाफ मौजूद थे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में 50 से 250 तक की आबादी भी सडक से जुडेगी, सांसद रावत ने भेजा 134 गांवों का प्रस्ताव “आदिवासी इस देश का मालिक है, गुलामी हमें मंजूर नहीं” — दुलीचंद