24 News Update जयपुर। जिस अनुपयोगी सामग्री को कभी विभागीय उदासीनता और फाइलों की धूल में दबा मान लिया गया था, वही जयपुर डिस्कॉम के लिए इस वर्ष आर्थिक संबल बनकर उभरी है। निगम ने स्क्रैप मैटेरियल की सुनियोजित नीलामी से अब तक 104 करोड़ 39 लाख रुपये का राजस्व अर्जित कर न केवल अपने ही पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त किए, बल्कि सरकारी परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन का उदाहरण भी पेश किया है।डिस्कॉम के 13 वृत्त भंडारों में वर्षों से पड़े पुराने ट्रांसफॉर्मर, मीटर, केबल, वीसीबी, खराब ऑयल, लकड़ी के बॉक्स, लोहे के ड्रम और नाकारा वाहन—जो कभी नुकसान का कारण माने जाते थे—अब नियमित ऑक्शन प्रक्रिया के ज़रिये कमाई में तब्दील हो रहे हैं। मुख्यालय स्तर पर निगरानी और फील्ड से स्क्रैप की पहचान व रिपोर्टिंग को अनिवार्य बनाए जाने का असर साफ दिखा है।आंकड़े बताते हैं कि जहां पिछले वित्तीय वर्षों में ऑक्शन की संख्या सीमित रही, वहीं चालू वित्तीय वर्ष में जनवरी तक 221 नीलामियां पूरी हो चुकी हैं। विशेष रूप से 15 साल से अधिक पुराने सरकारी वाहनों की पहचान कर 34 वाहनों को सफलतापूर्वक नीलाम किया गया, जो लंबे समय से टैक्स और दस्तावेजी उलझनों के कारण खड़े-खड़े जंग खा रहे थे।राजस्व के मामले में अलवर वृत्त 24.79 करोड़ रुपये के साथ सबसे आगे रहा, जबकि जयपुर जिला वृत्त ने करीब 22 करोड़ रुपये की कमाई की। इसके अलावा दौसा, भरतपुर, कोटा और जयपुर शहर वृत्तों ने भी उल्लेखनीय योगदान दिया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उत्तर पश्चिम रेलवे को मिला नया संचार चेहरा: अमित सुदर्शन बने मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सीएम है तो मुमकिन है : दो घंटे, एक फोन कॉल और सिस्टम दौड़ा सरपट