जयपुर। जयपुर में दो महीने पहले एक कारोबारी के घर से 1.5 करोड़ रुपए की लूट करने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ये आरोपी वारदात को अंजाम देकर नेपाल भाग गए थे, लेकिन ऑनलाइन पेमेंट के जरिए पुलिस ने इनका सुराग लगा लिया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 601 ग्राम डायमंड जड़ित सोने के आभूषण और दो महंगी घड़ियां बरामद की गई हैं, जिनकी कीमत करीब 90 लाख रुपए आंकी गई है। कैसे अंजाम दी गई थी लूट?फरवरी में जयपुर के विद्याधर नगर इलाके में एक व्यापारी के घर तीन बदमाशों ने बड़ी प्लानिंग के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया। घटना वाली रात ये तीनों आरोपी घर में दाखिल हुए और चाकू की नोक पर मकान मालकिन को बंधक बना लिया। आरोपियों ने महिला पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया और घर से 1.5 करोड़ रुपए की कीमती ज्वेलरी और कैश लेकर फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?इंद्रजीत कुमार गुप्ता (29) – मधुबनी, बिहार (गिरफ्तारी स्थल: आगरा, उत्तर प्रदेश)अशोक मंडल (25) – मधुबनी, बिहार (गिरफ्तारी स्थल: मधुबनी, बिहार)राधेश्याम मंडल (29) – मधुबनी, बिहार (गिरफ्तारी स्थल: मधुबनी, बिहार)तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। इनका आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। जांच में पता चला कि राधेश्याम और इंद्रजीत पहले भी जयपुर के बजाज नगर और आदर्श नगर इलाकों में घरेलू नौकर बनकर लूट की वारदात कर चुके हैं। कैसे हुआ सुराग का खुलासा?पुलिस ने बदमाशों का पीछा करने के लिए तकनीकी टीम की मदद ली। आरोपियों ने वारदात के बाद अपने भारतीय मोबाइल नंबर बंद कर दिए थे और नेपाल पहुंचने के बाद वहां के लोकल नंबरों का उपयोग करना शुरू कर दिया था। लेकिन भारत लौटने के बाद उन्होंने ऑनलाइन पेमेंट का इस्तेमाल किया, जिसने उनकी लोकेशन का खुलासा कर दिया।पहला सुराग: नेपाल में की गई कॉल्स और ऑनलाइन पेमेंट ट्रांजैक्शंसदूसरा सुराग: पुराने सिम कार्ड और बस कंडक्टर से मांगे गए मोबाइल फोनतीसरा सुराग: एक दूसरे से संपर्क करने के लिए टूरिस्ट और अजनबियों के मोबाइल फोन का इस्तेमाल पुलिस का ऑपरेशनविद्याधर नगर थानाधिकारी राकेश ख्यालिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड से पता चला कि तीनों पहले उत्तर प्रदेश के कानपुर गए, फिर बिहार होते हुए नेपाल बॉर्डर क्रॉस कर नेपाल भाग गए थे। वहां से लौटने के बाद पुलिस ने आगरा में इंद्रजीत को गिरफ्तार किया। इसके बाद अशोक और राधेश्याम को बिहार में दबिश देकर पकड़ा गया।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया है: 601 ग्राम डायमंड जड़ित सोने के आभूषण – अनुमानित कीमत 75 लाख रुपए दो महंगी घड़ियां – अनुमानित कीमत 15 लाख रुपए, घटना में इस्तेमाल चाकू और नकदी – 10 लाख रुपए से अधिक। कैसे बचने की कोशिश की?तीनों बदमाश नेपाल में फरारी काटने के दौरान किसी का भी मोबाइल फोन मांगकर अपने साथियों से संपर्क करते थे, ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। वे टूरिस्ट, बस कंडक्टर और स्थानीय लोगों से बात करने के लिए फोन उधार लेते थे, लेकिन पुलिस ने उनके पुराने सिम कार्ड और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड खंगालकर उन्हें ढूंढ निकाला। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation CBSE 12वीं रिजल्ट घोषित: अजमेर रीजन 10वें स्थान पर, सीकर की खुशी शेखावत ने 500 में से 499 नंबर प्राप्त किए प्रतापगढ़ जिले की थाना छोटी सादड़ी पुलिस की कार्रवाई : पैरोल से फरार कुख्यात तस्कर प्रदीप उर्फ डॉक्टर को पुनः मादक पदार्थो की तस्करी करते किया गिरफ्तार