24 न्यूज अपडेट, नई दिल्ली। नागर विमानन मंत्रालय की ओर से उदयपुर सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत के संसदीय प्रश्न (संख्या 3370) के जवाब में हवाई यात्रा से जुड़े नियमों, प्रतिबंधित वस्तुओं, और उल्लंघनों पर जो जानकारी दी गई है उससे यह साबित हो गया है कि यहां भी लापरवाही का खुला आलम है। बोर्डिंग पास नियम तय न हीं किए गए है। पास पर विज्ञापनः कैसे छापे जाते हैं इसकी कोई स्पष्ट नीति नहीं है। कोई विशिष्ट नियम या परिपत्र जारी नहीं किया गया है। इसके अलावा यात्रियों से जो प्रतिबंधित वस्तुएं मिलती हैं उनकी संख्या तो बताई गई है मगर उन पर क्या कार्रवाई की गई इसका कोई जवाब नहीं है। कुल 119 प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची दी गई है उसमें भी अस्पष्टता है। उदयपुर को लेकर खुलासा हुआ है कि यहां के एयरपोर्ट पर कोई भी प्रतिबंधित वस्तु प्राप्त नहीं हुई ना कोई कार्रवाई की गई। हम खबर के रूप में इस मुद्दे का विश्लेषण कर रहे हैं- बोर्डिंग पास नियम और विज्ञापन: नीतिगत अस्पष्टता तथ्य: मंत्रालय ने कहा कि बोर्डिंग पास जारी करने के लिए कोई विशिष्ट नियम या परिपत्र नहीं हैं। एयरलाइंस को आईएटीए (IATA) के दिशानिर्देशों का पालन करना होता है। बोर्डिंग पास पर विज्ञापन के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। विश्लेषण: यह जवाब नीतिगत स्वायत्तता की कमी को दर्शाता है। भारत जैसे देश में, जहां हवाई यात्रा तेजी से बढ़ रही है, स्थानीय संदर्भों में नियमों की आवश्यकता है। आईएटीए दिशानिर्देश वैश्विक मानक हैं, लेकिन वे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बोर्डिंग पास की स्वीकार्यता, तकनीकी खामियाँ, या भाषाई विविधता जैसी समस्याओं को नहीं देखते। बोर्डिंग पास पर विज्ञापन को लेकर अस्पष्टता बनी हुई है। एयरलाइंस को विज्ञापन छापने की अनुमति है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। सुझाव: ✔ स्थानीय संदर्भ में बोर्डिंग पास के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएं। ✔ डिजिटल बनाम फिजिकल पास की वैधता पर नीति बनाई जाए। ✔ विज्ञापन पर नियम तय किए जाएं ताकि यात्रियों की गोपनीयता बनी रहे। प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची और सुरक्षा प्रश्न तथ्य: 30 अक्टूबर 2024 के परिपत्र 11/2024 के अनुसार, 119 प्रतिबंधित वस्तुएँ सूचीबद्ध की गई हैं। यह सूची हथियार, विस्फोटक, औजार, रसायन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को कवर करती है। प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची 1. हथियार और विस्फोटक पदार्थ वस्तु का नामकेबिन बैगहोल्ड बैगबीबी गन, पिस्तौल, बंदूक, रायफल❌✅तलवार, खंजर, कृपाण, धारदार हथियार❌✅बारूद, गन पाउडर, विस्फोटक सामग्री❌❌आतिशबाजी, पटाखे, ग्रेनेड, माइन❌❌स्टन गन, बिजली के झटके देने वाले उपकरण❌❌ 2. औजार और नुकीली वस्तुएँ वस्तु का नामकेबिन बैगहोल्ड बैगकुल्हाड़ी, हथौड़ा, आरी, पेचकस, प्लायर❌✅ड्रिल मशीन, ताररहित पावर टूल्स❌✅बर्फ तोड़ने का औजार, स्पैनर, रिंच❌✅ 3. रसायन और ज्वलनशील पदार्थ वस्तु का नामकेबिन बैगहोल्ड बैगपेट्रोल, डीजल, केरोसिन, लाइटर फ्यूल❌❌माचिस, गैस सिलेंडर, स्प्रे पेंट, टर्पेंटाइन❌❌अल्कोहल युक्त पदार्थ (नीति अनुसार)✅✅ऑक्सीजन सिलेंडर (चिकित्सा उपयोग के लिए)✅❌ 4. इलेक्ट्रॉनिक और बैटरी संचालित उपकरण वस्तु का नामकेबिन बैगहोल्ड बैगपावर बैंक, लिथियम बैटरी✅❌सैटेलाइट फोन, वॉकी-टॉकी, रेडियो✅✅मोबाइल फोन, लैपटॉप, टेबलेट✅✅ड्रोन, कैमरा उपकरण (बैटरी के बिना)✅✅ विश्लेषण: सूची व्यापक है, लेकिन कई प्रविष्टियाँ अस्पष्ट हैं। “सीमित मात्रा में” जैसे शब्द भ्रमित करने वाले हैं। कृत्रिम यंत्र, ऑडियो उपकरण, पेचकस जैसी वस्तुएँ यात्रियों के लिए स्पष्ट नहीं हैं। सुझाव: ✔ सरल भाषा में सूची प्रकाशित की जाए। ✔ यात्रियों के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश बनाए जाएं। ✔ हवाई अड्डों पर इसे डिजिटल डिस्प्ले और पम्फलेट्स के जरिए प्रचारित किया जाए। हवाई अड्डों पर उल्लंघन और सुरक्षा प्रश्न तथ्य: पिछले तीन वर्षों (2022-2024) में 1,495 उल्लंघन दर्ज हुए। मंत्रालय का कहना है कि किसी भी मामले में कार्यवाही की जरूरत नहीं पड़ी। हवाई अड्डों पर उल्लंघनों का डेटा (2022-2024) हवाई अड्डा202220232024कुल उल्लंघनदिल्ली (IGI)41120220381बेंगलुरु4379147269मुंबई673047144लखनऊ23251664हैदराबाद17351163कोलकाता2282353पटना5131230पुणे6101834अन्य82147228457कुल2864877221,495 विश्लेषण: दिल्ली (381), बेंगलुरु (269), और मुंबई (144) में उल्लंघन सबसे अधिक हुए। उल्लंघन बढ़ते जा रहे हैं (2022 में 286 से 2024 में 722 तक)। शून्य कार्यवाही पर सवाल उठता है। क्या सभी उल्लंघन मामूली थे, या सुरक्षा नीति में ढीलापन है? सुझाव: ✔ उल्लंघन की गंभीरता को वर्गीकृत किया जाए। ✔ सुरक्षा नीतियों को सख्त किया जाए। ✔ यात्रियों को सुरक्षा नियमों की जानकारी अधिक दी जाए। उदयपुर हवाई अड्डे पर शून्य उल्लंघन – महाराणा प्रताप हवाई अड्डे, उदयपुर में 2022-2024 में कोई उल्लंघन दर्ज नहीं हुआ।यह सकारात्मक दिखता है, लेकिन क्या सुरक्षा जांच सही तरीके से हो रही है? क्या यात्रियों की संख्या कम होने से उल्लंघन नहीं हो रहे? मंत्रालय ने इस पर कोई स्पष्ट व्याख्या नहीं दी। और सुधार की जरूरत बोर्डिंग पास पर नीतिगत अस्पष्टता भारत की बढ़ती हवाई यात्रा आवश्यकताओं को पूरा नहीं करती। प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची जटिल और भ्रमित करने वाली है। 1,495 उल्लंघन बिना कार्यवाही के दिखाते हैं कि या तो नियमों का पालन सख्ती से नहीं हो रहा या मंत्रालय निगरानी में कमजोर है। उदयपुर जैसे हवाई अड्डों में उल्लंघन का शून्य होना संदेह पैदा करता है। सुझाव: ✔ स्थानीय बोर्डिंग पास नीति बनाई जाए। ✔ प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची को सरल किया जाए। ✔ सुरक्षा नीतियों की समीक्षा और सख्त निगरानी की जाए। मंत्रालय को भविष्य में अधिक पारदर्शी और विस्तृत जवाब देना चाहिए ताकि हवाई सुरक्षा मजबूत हो और यात्रियों को परेशानी न हो। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... 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