24 News Update भीलवाड़ा। कानून के रखवाले जब खुद कानून को जेब में रख लें, तो सच अक्सर कैमरे में कैद होकर बाहर आता है। आसींद क्षेत्र में हुई एक चोरी की वारदात ने न सिर्फ पुलिसिया लापरवाही, बल्कि कथित संरक्षण की पूरी परतें उधेड़ दीं। चोर रंगे हाथों पकड़े गए, सीसीटीवी में साफ दिखे, फिर भी मुकदमा दर्ज करने के बजाय उन्हें छोड़ दिया गया। विरोध करने पर दुकानदार को ही हवालात की हवा खिला दी गई। आखिरकार, वही सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल बन गई और बदनौर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर होना पड़ा।
मामला 27 जनवरी की तड़के का है। नेशनल हाईवे-158 पर पड़ासोली चौराहे के पास होलसेल किराना व्यापारी सुरेश साहू की दुकान पर चार बदमाश शटर तोड़कर चोरी का प्रयास कर रहे थे। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। सूचना मिलने पर आसींद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और चारों आरोपियों को पकड़ भी लिया।
यहां से कहानी ने अजीब मोड़ लिया। पुलिस ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि इलाका ब्यावर जिले के बदनौर थाना क्षेत्र में आता है। आरोपियों को बदनौर पुलिस के हवाले कर दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि बदनौर पुलिस ने गंभीर चोरी के प्रयास को महज शांतिभंग की कार्रवाई मानते हुए चारों को पाबंद कर छोड़ दिया। न एफआईआर, न गिरफ्तारी, न ही ठोस कानूनी कार्रवाई।
सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि पुलिस ने जब्त की गई सीसीटीवी डिस्क को खाली कर दिया। यानी सबूत मिटाने की कोशिश। दुकानदार सुरेश साहू ने जब इसका विरोध किया, तो कथित तौर पर उसे ही हवालात में बंद कर दिया गया। पीड़ित का कहना है कि 28 जनवरी को वह सीसीटीवी फुटेज के साथ बदनौर थाने पहुंचा, लेकिन सुनवाई के बजाय बहाने गिनाए गए—“शटर तोड़ा है, चोरी नहीं हुई।”
हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही दुकानदार ने सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर ली थी। यही फुटेज बाद में पूरे मामले की सबसे बड़ी गवाह बनी। मीडिया द्वारा फुटेज खंगाले जाने के बाद साफ हुआ कि चारों बदमाश दुकान में चोरी करते नजर आ रहे हैं।
लगातार सामने आ रही लापरवाही और सवालों के बीच आखिरकार पुलिस महकमे को कदम उठाना पड़ा। ब्यावर एसपी ने 4 फरवरी को मामले में गंभीर अनियमितता मानते हुए बदनौर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया।
चोर पकड़कर छोड़ दिए, सबूत मिटाए, फरियादी को जेल भेजा: CCTV ने खोली थाने की कारस्तानी, SHO केवल लाइन हाजिर

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