24 News Update उदयपुर। नगर निगम ने शनिवार सुबह शहर में यूडी टैक्स नहीं भरने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 कमर्शियल संपत्तियों को सीज कर दिया। शहर के अलग-अलग व्यापारिक इलाकों—बापू बाजार, नेहरू बाजार, अश्विनी बाजार, सेक्टर-3, सेक्टर-9 और हिरण मगरी में दो अलग-अलग टीमों ने दबिश देकर दुकानों के मुख्य द्वारों पर ताला जड़ दिया और सरकारी नोटिस चस्पा कर दिए। इन संपत्तियों पर करीब 65 से 70 लाख रुपए का यूडी टैक्स बकाया बताया जा रहा है। टीमें सुबह 7 बजे दुकानों ही मौके पर पहुंच गईं और कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठान सील कर दिए। बापू बाजार में 5 दुकानों पर निगम का ताला लगा। नेहरू बाजार में शोरूम पर, अश्विनी बाजार में प्रतिष्ठान, सेक्टर-3, बीएसएनएल रोड, सेक्टर-9 और सेक्टर-11 स्थित जीकेबी सुपर मार्केट पर भी कार्रवाई की गई।
सबसे बड़ा सवाल: लिस्ट क्यों नहीं?
निगम की कार्रवाई के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर शहर में यूडी टैक्स के इतने डिफॉल्टर हैं तो उनकी सूची सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही? अभी स्थिति यह है कि निगम की टीमें मनचाहे अंदाज में मुहूर्त निकाल कर कभी एक-दो दुकानों को सीज करती हैं तो कभी चार-पांच पर कार्रवाई कर देती हैं। मार्च की अंतिम तिथि नजदीक आते-आते अचानक बड़े पैमाने पर सीलिंग शुरू हो जाती है। ऐसे में व्यापारियों और आम लोगों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि किसका नंबर कब आएगा, किसका कितना बकाया है, डिफाल्टरों की वरीयता सूची में कौन—कहां पर है, इसकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं है? अगर निगम सभी बकायादारों की सूची सार्वजनिक कर दे तो न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि शहर के लोगों को भी पता चल जाएगा कि किस पर कब कार्रवाई हो सकती है।
मनमानी की आशंका भी
लिस्ट सार्वजनिक नहीं होने से निगम की कार्रवाई को लेकर मनमानेपन की आशंका भी पैदा होती है। शहर के कई व्यापारी सवाल उठा रहे हैं कि कहीं ऐसा तो नहीं कि छोटे कारोबारियों पर सख्ती दिखाकर बड़े और रसूखदार बकायादारों को बचाया जा रहा हो।
क्या निगम यूडी टैक्स डिफॉल्टरों की पूरी सूची सार्वजनिक करेगा, या फिर सीलिंग की कार्रवाई इसी तरह अचानक और चयनित ढंग से चलती रहेगी?
11 संपत्तियों पर यूडी टैक्स पर नगर निगम का डंडा, डिफॉल्टरों की लिस्ट अब भी ‘गोपनीय’ क्यों?? कहीं प्रभावशाली लोगों को बचा तो नहीं रहा निगम!!

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