व्यापारियों में आक्रोश, बोले-बिना बताए सीज कर दी दुकानें, आंदोलन की दी चेतावनी
24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। नगर निगम उदयपुर ने आज तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए यूडी टैक्स (नगरीय विकास कर) बकाया रखने वाली कई प्रॉपर्टी सीज कर दीं। सूरजपोल स्थित उदयपुर होटल के पास और टाउन हॉल मार्ग पर की गई इस कार्रवाई से शहरभर में हड़कंप मच गया।
नगर निगम के दस्ते ने होटल कंचन को सीज किया, जिस पर ₹8,40,643 का बकाया था, जो 2007 से लंबित था। इसके अलावा, कृष्णचंद पांडे पुत्र कन्हैयालाल पांडे की 26 दुकानों को भी सीज किया गया, जिन पर ₹1,83,49,294 का बकाया टैक्स था।
आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि 45 सालों से वे व्यापार कर रहे हैं। आज तक कोई नोटिस नहीं दिया गया है। प्रॉपर्टी उनकी है व ना जाने किसके नाम का नोटिस चस्पा करते हुए उनकी दुकानों को सीज कर दिया गया है। कुछ प्रॉपर्टी के मामले कोर्ट में भी चल रहे हैं। व्यापारियों ने इस कार्रवाई को तानाशाहीपूर्ण बताया है और कहा कि उनकी रोजी रोटी छीनने का प्रयास हो रहा है। कल रात को दुकान बढ़ाकर घर गए व आज सुबह अचानक किसी का फोन आया कि आपकी दुकान सीज कर दी गई है तो सब लोग सकते में आ गए। आखिर ऐसी क्या जल्दी थी। निगम के अधिकारियों को उनको एक बार बुला कर बताना तो था कि कौनसा टेक्स बकाया बनता है। व्यापारियों ने कहा कि इतनी छोटी प्रोपर्टी पर कोई यूडी टेक्स नहीं बनता है यह तानाशाही रवैया नहीं चलने वाला है।
बड़े बकायेदारों में मची हलचल
इस कार्रवाई से उन प्रॉपर्टी मालिकों में दहशत का माहौल है, जिन्होंने अब तक यूडी टैक्स जमा नहीं किया। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि बकाया कर नहीं चुकाने वाले अन्य संपत्तियों पर भी जल्द कार्रवाई होगी। नगर निगम अधिकारियों ने चेतावनी दी कि बकाया कर की अदायगी नहीं होने पर आगे और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे। उदयपुर में इस तरह की सख्ती से अन्य टैक्स बकायेदारों पर भी दबाव बढ़ने की संभावना है।

