24 News Update उदयपुर। उदयपुर में सिंधी समाज के प्रमुख पर्व चेटीचंड की तैयारियां अपने चरम पर हैं। इस बार शहर एक ऐसे अद्भुत और विहंगम दृश्य का साक्षी बनने जा रहा है, जो आस्था, कला और सामूहिक भागीदारी का अनूठा उदाहरण होगा। लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में तीन बार नाम दर्ज करा चुका अपना संगठन इस वर्ष 23,000 दीपकों से सजी ऐतिहासिक झांकी के जरिए नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है।
संगठन अध्यक्ष सुरेंद्र अरोड़ा ने बताया कि पिछले 25 वर्षों से संगठन चेटीचंड पर कुछ अलग और आकर्षक प्रस्तुत करता आया है। इस बार करीब 600 स्क्वायर फीट क्षेत्रफल में भगवान श्री झूलेलाल साईं के ‘वरुण अवतार’ की मनमोहक झांकी तैयार की जा रही है। झांकी की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि भगवान झूलेलाल झिलमिलाते तारों के बीच ‘चांद’ पर विराजित दिखाई देंगे, जो स्वर्गीय आभा का अनुभव कराएगा।
इस भव्य झांकी को तैयार करने में केवल संगठन के सदस्य ही नहीं, बल्कि उनके परिवार—बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग—भी पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं। कुल 23,000 मिट्टी के दीपकों को साफ कर उन्हें रंग-बिरंगे रूप में सजाया जा रहा है। कोई ब्रश से रंग भर रहा है तो कोई भगवान के मुकुट, चंद्रमा और वेशभूषा को आकर्षक बनाने में योगदान दे रहा है। यह सामूहिक श्रमदान आयोजन को एक सामाजिक उत्सव का रूप दे रहा है।
संगठन के प्रवक्ता वीरेंद्र खबरानी ने शहरवासियों को इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनने का आमंत्रण देते हुए बताया कि यह आयोजन 20 मार्च (शुक्रवार) को शक्तिनगर स्थित सनातन धर्म मंदिर में शाम 7:30 बजे से मध्यरात्रि 12 बजे तक आयोजित होगा।
चेटीचंड के इस पर्व पर आस्था, पारिवारिक स्नेह और आधुनिक कला का यह अनूठा संगम न केवल सिंधी समाज बल्कि पूरे शहर के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा और उदयपुर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देगा।
23 हजार दीपकों से सजेगा ‘चांद’, भगवान झूलेलाल की 600 स्क्वायर फीट भव्य झांकी बनेगी आकर्षण का केंद्र

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