24 News Update उदयपुर। शहर में नवसंवत्सर की आहट अब धार्मिक आस्था और सामाजिक संदेश के संग गूंजने लगी है। भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति ने चेटीचंड पर्व के तहत भगवान झूलेलाल की आरती कर नववर्ष उत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर धनराज, विष्णु, डॉ. परमवीर सिंह दुलावत सहित समिति के सदस्यों की मौजूदगी में आयोजन की शुरुआत हुई और शोभायात्रा के लिए तैयारियों को गति दी गई।
सूरजपोल स्थित समिति कार्यालय का उद्घाटन हेमेन्द्र श्रीमाली एवं मातृशक्ति द्वारा किया गया। इसके बाद आयोजित बैठक में आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा करते हुए जिम्मेदारियां तय की गईं।
भगवा रथ निकला, शहर को दे रहा नववर्ष का संदेश
बैठक के पश्चात भारतीय नववर्ष के प्रचार-प्रसार हेतु भगवा रथ को रवाना किया गया। यह रथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर नववर्ष का संदेश जन-जन तक पहुंचाएगा। समिति के सदस्य नागरिकों को आमंत्रण देने के लिए विभिन्न मार्गों पर निकलेंगे।
22 मार्च: आस्था, परंपरा और आकर्षण का संगम
समिति के अनुसार 22 मार्च को दोपहर 3 बजे गांधी ग्राउंड स्थित भंडारी दर्शक मंडप से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नगर निगम प्रांगण पहुंचेगी। शोभायात्रा में संत-महात्माओं का सानिध्य, मातृशक्ति की सहभागिता और विभिन्न समाजों की आकर्षक झांकियां प्रमुख आकर्षण रहेंगी। इसके पश्चात टाउन हॉल में धर्मसभा आयोजित होगी, जहां संतों के आशीर्वचन प्राप्त होंगे। सायंकाल सांस्कृतिक कार्यक्रम में “रेपरिया बालम” फेम अशोक मंडा विश्नोई की विशेष प्रस्तुति युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी।
उत्सव नहीं, बदलाव का संदेश—‘पंच परिवर्तन’
इस वर्ष आयोजन को “पंच परिवर्तन” के संकल्प के साथ मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और भारतीय जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना है।
स्व का भाव – अपनी संस्कृति, इतिहास और परंपरा पर गर्व
सामाजिक समरसता – सभी वर्गों में एकता और सद्भाव
पर्यावरण संरक्षण – जल, वृक्ष और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी
कुटुंब प्रबोधन – परिवार में संस्कार और नैतिकता को मजबूत करना
नागरिक कर्तव्य – राष्ट्रहित में सक्रिय भागीदारी

