
24 News Update उदयपुर। राजस्थान कृषि महाविद्यालय के नूतन सभागार में शनिवार की रात शास्त्रीय संगीत, गीत और भजनों की सुरधारा बह उठी। अवसर था प्रसार भारती और संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 67वें आकाशवाणी संगीत सम्मेलन 2025 का।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि जनजाति क्षेत्रीय विकास एवं गृह रक्षा मंत्री बाबूलाल खराड़ी, विशिष्ट अतिथि उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, आकाशवाणी के क्षेत्रीय उप महानिदेशक राजेंद्र नाहर, उदयपुर केंद्र निदेशक रवीन्द्र डूंगरवाल, कार्यक्रम प्रमुख विनोद कुमार शर्मा और सहायक निदेशक निर्मल पुरोहित उपस्थित रहे।
संगीत सम्मेलन का मुख्य आकर्षण रहे प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक मोहम्मद अमान, जिन्होंने राग पूरीया कल्याण में ‘आज ऐसो बनाबन आयो…’ और ‘बन-ठन आयो बदरा…’ जैसी बंदिशें पेश कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। बंदिश बैंडिट्स वेब सीरीज के “गरज गरज” फेम अमान की तानों पर तालियों की गूंज देर तक सभागार में बनी रही।
इसके बाद सुप्रसिद्ध गीत-गजल एवं भजन गायक डॉ. विजेंद्र गौतम ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से वातावरण भक्ति और भावनाओं से भर दिया। उन्होंने मीराबाई का “पिया बिन सूनो छे म्हारो देस…”, सूरदास का “हे गोविंद हे गोपाल…” तथा कबीरदास की रचना “झीनी रे झीनी चदरिया…” प्रस्तुत कर खूब सराहना पाई। साथ ही विजय वर्मा का गीत “मैं गीत लिखूं तुम गाओ…”, डॉ. उपेंद्र विश्वास का “आहरी पुरवाई लै जा माटी मेरे गांव की…” और उषा उग्रवाल का “जब लहरों से जी भर जाए…” गीतों पर श्रोता झूम उठे।
कार्यक्रम में शहरभर से संगीतप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
आकाशवाणी उप महानिदेशक राजेंद्र नाहर ने बताया कि 1954 से प्रारंभ यह सम्मेलन इस वर्ष देश के 24 शहरों में 2 से 29 नवंबर तक आयोजित हो रहा है, जिनमें उदयपुर भी एक प्रमुख केंद्र है। सम्मेलन में हिंदुस्तानी, कर्नाटक, सुगम संगीत और लोक संगीत की प्रतिष्ठित प्रतिभाएं भाग ले रही हैं।
इस पूरे संगीत सम्मेलन का प्रसारण 26 दिसम्बर 2025 से 23 जनवरी 2026 तक प्रत्येक रात 10 से 11 बजे के बीच सभी आकाशवाणी केंद्रों पर तथा ‘newsonair’ मोबाइल एप, डीडी भारती चैनल, प्रसार भारती के ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘वेव्स’ और अन्य डिजिटल माध्यमों पर किया जाएगा।
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