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अयोध्या में राम दरबार की भव्य प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न, सूरत के उद्योगपति ने दान किए हीरे-जड़े आभूषण, चार्टर्ड प्लेन से पहुंचे रत्नाभूषण

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24 News Update अयोध्या | राम जन्मभूमि मंदिर के प्रथम तल पर स्थित राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा आज अभिजीत मुहूर्त में विधि-विधानपूर्वक सम्पन्न हुई। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं पूजन कर प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमानजी के विग्रहों का अभिषेक किया। जहां मंदिर के गर्भगृह में रामलला बाल रूप में प्रतिष्ठित हैं, वहीं प्रथम तल पर राजसी स्वरूप में संपूर्ण राम दरबार की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। ये सभी मूर्तियां जयपुर में निर्मित और मकराना के सफेद संगमरमर से तराशी गई हैं। भगवान श्रीराम और माता सीता सिंहासन पर विराजित हैं, जबकि भरत एवं हनुमानजी उनके चरणों में नतमस्तक हैं। राम दरबार के लिए सूरत के हीरा व्यापारी मुकेश पटेल द्वारा दान किए गए अलंकरण विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश नेवादिया के अनुसार: 1000 कैरेट हीरे, 30 किलो चांदी, 300 ग्राम सोना, 300 कैरेट रूबी से 11 मुकुट, कंठहार, कुंडल, माथे का तिलक, धनुष-बाण, गदा, चंवर आदि बनाए गए। ये समस्त आभूषण सरकारी सहयोग से चार्टर्ड विमान द्वारा अयोध्या लाए गए और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को समर्पित किए गए।

मंत्रोच्चार के बीच खोली गई आंखें, दिखाया गया आईना
काशी के वैदिक आचार्य जय प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में 101 आचार्यों ने प्राण प्रतिष्ठा की विधि संपन्न कराई। मूर्तियों की आंखों पर बंधी पट्टियाँ खोलते ही उन्हें आईना दिखाया गया — यह क्षण अत्यंत भावुक और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर था। प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना के साथ-साथ, मंदिर परिसर के परकोटे में स्थित छह उपमंदिरों में भी आज मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इनमें प्रतिष्ठित देवी-देवता हैं: भगवान शिव, श्रीगणेश, हनुमान, सूर्य देव, मां भगवती, मां अन्नपूर्णा।
साथ ही सप्त मंडपम में महर्षि वाल्मीकि, विश्वामित्र, वशिष्ठ, अगस्त्य, निषादराज, अहिल्या, और शबरी की मूर्तियों की स्थापना के अनुष्ठान 3 जून से ही आरंभ हो चुके थे।

सीमित आमंत्रण, परंपरा और भक्ति का सजीव संगम
राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा के लिए इस बार लगभग 350 विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया था, जिनमें अधिकांश ट्रस्ट पदाधिकारी, साधु-संत और वैदिक आचार्य थे। इस आयोजन ने भक्ति, परंपरा और आस्था का दिव्य संगम प्रस्तुत किया।

योगी का जन्मदिवस, हनुमानगढ़ी में विशेष दर्शन
प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हनुमानगढ़ी पहुंचे और प्रभु हनुमानजी के चरणों में विशेष पूजन किया। आज उनका जन्मदिवस भी है, जिसे उन्होंने राम दरबार में पूजन और हनुमान दर्शन के साथ मनाया।

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