उदयपुर। चीरवा मोहनपुरा स्थित निर्माणाधीन श्री गंधर्विका गोवर्धनधारी इस्कॉन कोवे मंदिर में दो दिवसीय महोत्सव के दौरान रविवार प्रातः निताई–गौरांग प्रभु के भव्य विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा विधिवत सम्पन्न हुई। शंख, मंजीरों, मृदंग और खरताल की मधुर ध्वनि के बीच “हरे कृष्ण-हरे राम” और “पधारो गौरांग” के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। देशभर से आए वैष्णव भक्तों ने इस ऐतिहासिक आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर मदन गोविंद प्रभु ने बताया कि महोत्सव के अंतर्गत विग्रह प्राण प्रतिष्ठा, महाभिषेक, 1008 भोग अर्पण, कथा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और महाआरती सहित सभी विधियां सम्पन्न हुईं, जिसके पश्चात भव्य प्रसादम् वितरण किया गया।
मुम्बई से आए विशेष अतिथि देवकीनंदन प्रभु (इस्कॉन जोनल सेक्रेटरी) और वृन्दावन के भक्ति आश्रय वैष्णव स्वामी महाराज ने मुख्य मंच पर निताई–गौरांग विग्रह पर शास्त्रोक्त विधि से प्राण प्रतिष्ठा संस्कार सम्पन्न कराया। उन्होंने भगवान के प्रत्येक अंग-प्रत्यंग को कुशा से स्पर्श कर यज्ञ हवन में आहुतियां अर्पित कीं। इसके बाद गंगाजल, पंचामृत और नारियल जल से अभिषेक किया गया तथा सुगंधित पुष्पों से भव्य पुष्पाभिषेक हुआ।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मोहनपुरा ग्राम और इस्काॅन भक्तों के बच्चों ने भरतनाट्यम, मीरां नृत्य और दशावतार की मनोहारी प्रस्तुतियों से उपस्थित भक्तों का मन मोह लिया। पूरे समय पांडाल में मातृशक्ति भक्ति-नृत्य में भाव-विभोर होकर झूमती रही।
आयोजन को भक्तिमय वातावरण, वैदिक विधियों और सांस्कृतिक रंगों ने यादगार बना दिया।

