उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर में मई माह में अध्यात्म की अविरल धारा बहने जा रही है। हिरण मगरी सेक्टर-13 स्थित आशीष वाटिका में 17 मई से 25 मई तक प्रतिदिन शाम 7 बजे से 9 बजे तक “पंचम वेद श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान रहस्य” कथा का भव्य आयोजन होगा। कथा का वाचन सुप्रसिद्ध कथावाचिका पूजनीय रासेश्वरी देवी जी द्वारा किया जाएगा, जो अपनी दिव्य वाणी से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के गूढ़ रहस्यों और जीवन दर्शन से परिचित कराएंगी। आयोजकों के अनुसार यह आयोजन केवल धार्मिक कथा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आधुनिक जीवन में मानसिक तनाव, असंतुलन और रिश्तों में बढ़ती दूरियों के बीच आध्यात्मिक मार्गदर्शन का माध्यम बनेगा। कथा में श्रीमद्भागवत को जीवन जीने की कला का “प्रैक्टिकल मैनुअल” बताते हुए यह समझाया जाएगा कि मनुष्य अपने विचारों, भावनाओं और व्यवहार को किस प्रकार संतुलित कर सकता है। युवाओं और विद्यार्थियों के लिए विशेष संदेश कथा में राजा परीक्षित, भक्त प्रह्लाद और भगवान श्रीकृष्ण के प्रसंगों के माध्यम से जीवन की चुनौतियों में धैर्य, संतुलन और सकारात्मक सोच बनाए रखने का संदेश दिया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि विद्यार्थियों और युवाओं के लिए यह कथा एक “सर्वाइवल गाइड” की तरह होगी, जो उन्हें तनाव और प्रतिस्पर्धा के दौर में मानसिक स्थिरता बनाए रखने की प्रेरणा देगी। कर्मयोग और संबंधों का मिलेगा संदेश भागवत कथा के दौरान कर्मयोग, सेवा, भक्ति, त्याग और निःस्वार्थ प्रेम के महत्व को भी विस्तार से समझाया जाएगा। कथा में बताया जाएगा कि आध्यात्मिकता का अर्थ संसार से दूर जाना नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा और सकारात्मकता के साथ निभाना है। आयोजकों ने शहरवासियों से कथा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ लेने की अपील की है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी का उदयपुर दौरा: बजट घोषणाओं, सड़क निर्माण और पर्यटन योजनाओं की समीक्षा कार्ल मार्क्स की जयंती पर बोले सिंघवी – “असमानता खत्म होने तक जिंदा रहेगा मार्क्सवाद”