फतहनगर (उदयपुर)। कस्बे के इण्टाली चौराहा पर 21 नवंबर की दोपहर करीब 1 बजे गोवंशीय बछड़े का कटा सिर मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। स्थानीय लोगों ने घटना को गंभीर मानकर पुलिस में शिकायत दी और क्षेत्र में तनाव बढ़ने लगा। मामला संवेदनशील होने के चलते फतहनगर थाना पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। प्रकरण दर्ज — बीएनएस व गोवंशीय अधिनियम की धाराओं में केस घटना के बाद पुलिस ने प्रकरण संख्या 191/2025 में धारा 196(1)(B), बीएनएस 2023, धारा 3 एवं 8, राजस्थान गोवंशीय संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। प्रारंभिक जांच में पुलिस को घटना के पीछे किसी आपराधिक षड्यंत्र की संभावना दिखी, इसलिए उच्च अधिकारियों को तुरंत सूचना दी गई। जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने दिए त्वरित खुलासा के निर्देश जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत खुलासा करने के निर्देश दिए। उनके आदेश पर निम्न वरिष्ठ अधिकारी जांच में लगे— वरिष्ठ पर्यवेक्षण अधिकारी श्रीमती अंजना सुखवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, खेरवाड़ा सुश्री आशिमा वासवानी, सहायक पुलिस अधीक्षक, वृत मावली जांच का नेतृत्व चन्द्रशेखर किलानिया, थानाधिकारी, फतहनगर जांच में लगी पुलिस टीम — सभी अधिकारियों व पुलिसकर्मियों की विस्तृत सूची थानाधिकारी चन्द्रशेखर किलानिया के नेतृत्व में निम्न टीम गठित हुई— जांच अधिकारी एवं पुलिस स्टाफ हेड कांस्टेबल — मेहबूब खान कांस्टेबल — अरविंद सिंह कांस्टेबल — पवन जाट कांस्टेबल — अजयराम गुर्जर कांस्टेबल — रमेश मीणा कांस्टेबल — ललित प्रजापत टीम ने संवेदनशीलता को देखते हुए दिन-रात इलाके में गहन अनुसंधान चलाया। मेडिकल बोर्ड द्वारा वैज्ञानिक जांच — घटना का सच सामने आया पुलिस ने सबसे पहले बछड़े के सिर का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया। मेडिकल बोर्ड टीम डॉ. जितेन्द्र (अध्यक्ष) सहायक स्टाफ पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया— रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष: बछड़े की मृत्यु सिर काटने से नहीं हुई। उसकी मौत पहले हो चुकी थी। मृत्यु के बाद जंगली मांसाहारी जानवरों (कुत्ते सहित) ने शव को नोचा। सिर को खींचकर अलग किया गया, जिसे बाद में जानवर घसीटते हुए चौराहे तक ले आए। यह तथ्य घटना के दौरान मौजूद ग्रामीणों की गवाही और CCTV फुटेज से भी मेल खाता है। घटनास्थल व आसपास की तलाशी जांच टीम ने— इण्टाली चौराहा, आसपास के खेत/नाले, मृत पशु फेंकने वाले स्थलों, फतहनगर–आकोला सड़क की गहन तलाशी ली। तलाशी में एक पुराने मृत बछड़े का शरीर भी मिला, जिसका पृथक से पोस्टमार्टम कराया गया। दोनों नमूनों की समानता रिपोर्ट ने स्पष्ट किया कि— ✔ सिर उसी मृत बछड़े का था।✔ किसी मानव द्वारा सिर काटने जैसी घटना नहीं हुई थी। CCTV और चश्मदीद गवाहों ने पुख्ता किया मामला CCTV फुटेज में एक कुत्ता मृत बछड़े का सिर घसीटते हुए चौराहे की तरफ लाता दिखा। चश्मदीद ग्रामीणों ने भी इसे पुष्टि की। इससे पुलिस की वैज्ञानिक जांच को निर्णायक आधार मिला। 28 नवम्बर को प्रस्तावित बंद — प्रशासन ने किया संवाद सोशल मीडिया पर बंद के आह्वान के वायरल होने के बाद प्रशासन व पुलिस ने फतहनगर थाना परिसर में बैठक बुलाई। बैठक में उपस्थित रहे— प्रशासनिक अधिकारी उपखंड अधिकारी, मावली — रमेश सिरवी नायब तहसीलदार, सनवाड़ — विजय कुमार रेगर पुलिस अधिकारी सहायक पुलिस अधीक्षक — आशिमा वासवानी थानाधिकारी — चन्द्रशेखर किलानिया मेडिकल बोर्ड टीम — डॉ. जितेन्द्र व सहयोगी सामाजिक और व्यापारी संगठन व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी सामाजिक संगठन मोहल्ला प्रतिनिधि, मौतबीर लोग बैठक में पुलिस ने समूचे केस का वैज्ञानिक आधार पर खुलासा किया। व्यापारियों ने बंद का समर्थन करने से किया इनकार पुलिस द्वारा रखे गए तथ्यों और रिपोर्ट से संतुष्ट होकर— व्यापार संघ सामाजिक संगठन स्थानीय प्रतिनिधि ने 28 नवंबर के बंद का सार्वजनिक रूप से समर्थन नहीं करने की घोषणा की। लोगों ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहों पर भरोसा न करें। पुलिस की अपील — कानून व्यवस्था बनाए रखें जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने आमजन से अपील की— कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखें किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें सूचना देने वाले का नाम पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation डॉ अलका मूंदड़ा भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनीत लावारिस शव का शिवसेना ने किया अंतिम संस्कार