24 News Update सागवाड़ा, 12 अगस्त (जयदीप जोशी)। नगर के आसपुर मार्ग पर लोहारिया तालाब के सामने स्थित कान्हड़दास धाम रामद्वारा में शाहपुरा धाम के रामस्नेही संत कीर्तिराम महाराज ने सत्संग में कहा कि मनुष्य को सदैव आशावादी और उत्साहपूर्ण रहना चाहिए। संसार और परिस्थितियां बदलती हैं, शरीर बदलता है, मन बदलता है, लेकिन भीतर स्थित साक्षी चैतन्य कभी परिवर्तित नहीं होता।संत कीर्तिराम महाराज ने कहा कि मानव जीवन अज्ञान से ज्ञान, सीमितता से अनंतता, भय से अभय तथा बंधन से मुक्ति की ओर अग्रसर होने वाली दिव्य आध्यात्मिक यात्रा है। जीवन में घटित प्रत्येक घटना, चाहे सुखद हो या दुखद, अनुकूल हो या प्रतिकूल, केवल बाहरी परिस्थिति नहीं बल्कि आत्मजागरण का पवित्र अवसर है। मानव जीवन का परम लक्ष्य केवल सांसारिक सफलता प्राप्त करना अथवा दुखों से बचना नहीं, बल्कि अपने वास्तविक स्वरूप का साक्षात्कार करना है। यही स्वरूप नित्य, शुद्ध, बुद्ध, मुक्त और अनंत आत्मा है, जो ब्रह्मस्वरूप है।संत ने कहा कि सदैव आशावादी रहें, परिस्थितियां एक दिन अवश्य बदलेंगी। आपका वास्तविक स्वरूप पूर्ण, अखंड, अविनाशी और परिवर्तनातीत है। सच्चा आशावाद केवल सकारात्मक सोच का परिणाम नहीं, बल्कि आत्मज्ञान का स्वाभाविक फल है। उन्होंने कहा कि स्वयं को कभी दुर्बल या असहाय नहीं समझना चाहिए। मनुष्य अपनी सफलताओं-असफलताओं का योग मात्र नहीं है और न ही दूसरों की प्रशंसा या आलोचना उसकी वास्तविक पहचान है।उन्होंने कहा कि मनुष्य वही चेतना है जिसके प्रकाश से मन सोचता है, बुद्धि निर्णय करती है और इंद्रियां कार्य करती हैं। आत्मदृष्टि जागृत होने पर आशा बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर नहीं रहती। जीवन में सुख-दुख, लाभ-हानि और मिलन-वियोग आते-जाते रहेंगे। ज्ञानी न सफलता में अहंकार करता है और न विपत्ति में निराश होता है। वह हर परिस्थिति को आत्मविकास और अंतःशुद्धि का साधन बना लेता है।संत ने कहा कि कठिनाइयां हृदय को निर्मल बनाती हैं, विफलताएं विनम्रता सिखाती हैं, बाधाएं धैर्य और संकल्प को मजबूत करती हैं, मौन विवेक को गहन बनाता है और प्रतीक्षा श्रद्धा को परिपक्व करती है। जीवन का प्रत्येक अनुभव आत्मसाक्षात्कार की दिशा में नया सोपान बन जाता है। सत्संग के दौरान ‘सकल हंस में राम बिराजे’ सहित कई भजन प्रस्तुत किए गए, जिन पर श्रद्धालु झूम उठे।संत प्रसाद पंकज सोमपुरा परिवार की ओर से आयोजित सत्संग में प्रवक्ता बलदेव सोमपुरा सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में आरती की गई और प्रसाद वितरित किया गया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation शारीरिक शिक्षकों की दो दिवसीय वाकपीठ का समारोहपूर्वक समापन