जयपुर, 11 अक्टूबर। राजस्थान के गांवों की तस्वीर बदलने का वादा लेकर भाजपा पंचायत चुनाव के मैदान में उतर गई है। पार्टी की ओर से आज रविवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में अपना ‘ग्राम विकास संकल्प पत्र’ जारी किया। इसमें ग्रामीण परिवारों को जमीन के स्वामित्व से लेकर बच्चों की पढ़ाई, युवाओं के खेल, इलाज और आवागमन तक की सुविधाएं गांवों में उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। संदेश साफ दिया गया है कि है—रोजमर्रा की जरूरतों के लिए ग्रामीणों को शहरों की लंबी दौड़ न लगानी पड़े। हालांकि, इन वादों की असली परीक्षा इनके क्रियान्वयन, बजट और समयसीमा पर होगी। भाजपा के संकल्प पत्र में आगामी वर्षों में 25 लाख स्वामित्व कार्ड या पट्टे देने, प्रत्येक ग्राम पंचायत में सीनियर सेकेंडरी स्कूल और खेल मैदान विकसित करने तथा एक हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में पार्क और ओपन जिम बनाने का वादा किया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 3 हजार किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों के निर्माण का लक्ष्य भी सामने रखा गया है। इन सबसे बीच बड़ा सवाल उठ रहा है कि शहर में तीन दिन में भी पानी नहीं आ रहा है। ऐसे में सरकार गांवों में जलापूर्ति निर्बाध आखिर कैसे कर पाएगी। जमीन के कागज से लेकर पढ़ाई और खेल तक पर दांव25 लाख स्वामित्व कार्ड या पट्टे देने का वादा ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा लक्ष्य है। इसके साथ हर पंचायत में सीनियर सेकेंडरी स्कूल खोलने का संकल्प शिक्षा के लिए गांवों से बाहर जाने की मजबूरी कम करने की कोशिश के रूप में पेश किया गया है। युवाओं के लिए हर पंचायत में खेल मैदान विकसित करने और पढ़ाई की सुविधाओं के लिए अटल ज्ञान केंद्र बनाने की बात कही गई है। इन केंद्रों पर इंटरनेट और अध्ययन से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को हर बार शहर का रुख न करना पड़े।एक हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में पार्क और ओपन जिम बनाने का वादा ग्रामीण जीवन में सार्वजनिक स्थानों और फिटनेस सुविधाओं को बढ़ाने से जुड़ा है। वहीं, 3 हजार किलोमीटर से ज्यादा ग्रामीण सड़कों का निर्माण गांवों को मुख्य मार्गों और आसपास के कस्बों से जोड़ने की योजना का हिस्सा है। ‘गांव में सुविधाएं होंगी तो शहर क्यों जाएगा व्यक्ति’मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर बढ़ते पलायन को विकास की चुनौती के रूप में रेखांकित किया। उनका कहना था कि गांवों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों तो लोगों को 100 से 150 किलोमीटर तक का सफर तय करके शहरों में आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।उन्होंने शिक्षा और चिकित्सा को सबसे जरूरी सुविधाओं में शामिल करते हुए कहा कि सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और बड़े अस्पतालों की उपलब्धता को लेकर दूरी के मानकों पर काम करने का निर्णय किया है। पार्टी का दावा है कि गांवों में बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार कर ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर बेहतर जीवन उपलब्ध कराया जाएगा।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शहरों का दायरा पिछले वर्षों में 40 से 50 किलोमीटर तक बढ़ गया है। ऐसे में शहरों के भीतर भी एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना कई बार लंबी दूरी तय करने जैसा हो गया है। भाजपा का तर्क है कि यदि गांवों में ही बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तो ग्रामीण परिवार अपने परिवेश में रहकर जीवनयापन करना पसंद करेंगे। निकाय चुनाव के बाद अब पंचायतों पर विकास का दांवभाजपा ने इससे पहले नगरीय निकाय चुनाव के लिए भी संकल्प पत्र जारी किया था। अब पंचायत चुनाव में पार्टी ने इसी रणनीति को ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तार दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निकाय चुनाव में जनता से मिले समर्थन के बाद पार्टी गांवों में बिजली, पानी और सड़कों सहित बुनियादी सुविधाओं के विकास को लेकर लोगों के बीच जाएगी।कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया, सह प्रभारी कुलदीप सिंह चहल, कविता पाटीदार और संगठन महामंत्री अजेय कुमार सहित पार्टी के पदाधिकारी मौजूद रहे। संकल्प पत्र जारी करने से पहले मुख्यमंत्री ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में बने सेवा संकल्प सभागार का उद्घाटन भी किया। घोषणा पत्र जारी होने के बाद भी करीब दो घंटे इंतजारकार्यक्रम में संकल्प पत्र जारी होने के बाद इसकी प्रतियां तत्काल मीडिया और उपस्थित लोगों को उपलब्ध नहीं कराई गईं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दस्तावेज की छपी प्रतियों में कुछ गलतियां रह जाने के कारण उन्हें बांटने में देरी हुई और करीब दो घंटे बाद संकल्प पत्र सार्वजनिक किया गया। यह घटनाक्रम कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता है, हालांकि इससे घोषणाओं की वास्तविकता या उन्हें लागू करने की क्षमता पर अपने आप कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।इससे पहले संगठन महामंत्री अजेय कुमार का स्वागत करने मंच पर पहुंचे सोशल मीडिया संयोजक हीरेन कौशिक फिसलकर गिर गए। मंच पर मौजूद प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया और अन्य कार्यकर्ताओं ने उन्हें संभाला। अचानक हुई इस घटना से कुछ देर के लिए कार्यक्रम में मौजूद लोग चौंक गए।अब वादों की कसौटी पर रहेगी सरकारभाजपा ने अपने संकल्प पत्र के जरिये ग्रामीण विकास का व्यापक खाका पेश किया है, लेकिन चुनावी घोषणा और जमीन पर उतरने वाले काम के बीच की दूरी ही इसकी सफलता तय करेगी। 25 लाख स्वामित्व कार्ड किस समयावधि में दिए जाएंगे, हर पंचायत में स्कूल और खेल मैदान के लिए संसाधन कहां से आएंगे, सड़क निर्माण किन क्षेत्रों में प्राथमिकता से होगा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की समयसीमा क्या रहेगी—इन सवालों के जवाब आगे महत्वपूर्ण होंगे। गांवों में शहर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा तभी ठोस बदलाव में बदलेगा, जब स्कूलों में शिक्षक, स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक, सड़कों का नियमित रखरखाव और सार्वजनिक सुविधाओं के संचालन के लिए पर्याप्त संसाधन भी सुनिश्चित होंगे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. 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