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24 न्यूज अपडेट. बांसवाड़ा। बोहरा समुदाय के फखरी करजन हसना ट्रस्ट में जमा 30 किलो से अधिक सोने के गबन का मामला सामने आया था। 257 लोगों ने ट्रस्ट के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने 28 किलो से अधिक सोना बरामद किया था।
सीजेएम कोर्ट ने 18 फरवरी, 2025 को याचिकाकर्ताओं को 27 किलो सोना सौंपने का आदेश दिया था, जिसे एडीजे कोर्ट ने अवैध और शक्तियों का दुरुपयोग बताते हुए निरस्त कर दिया। एडीजे कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि 5 दिनों में सोना फिर से जब्त कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
मामले की समयरेखा
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 4 नवंबर, 2023 | ट्रस्ट में जमा सोना गायब होने का मामला सामने आया। शिकायत दर्ज कराई गई। |
| 7 मई, 2024 | सीजेएम कोर्ट ने सोना सुपुर्दगी की याचिका निरस्त कर दी। |
| 18 जून, 2024 | अभियुक्त निखिल दामड़िया ने सीजेएम कोर्ट में सोना वापस देने से पहले सुनवाई की मांग की। |
| 8 नवंबर, 2024 | हकीम कलकता ने भी इसी प्रकार की याचिका दायर की। |
| 18 फरवरी, 2025 | सीजेएम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को 27 किलो सोना सौंपने का आदेश दिया। |
| फरवरी, 2025 | एडीजे कोर्ट ने सीजेएम कोर्ट के आदेश को अवैध बताते हुए निरस्त कर दिया और पुलिस को फिर से सोना जब्त करने के आदेश दिए। |
कोर्ट के फैसले की मुख्य बातें
- सीजेएम कोर्ट का आदेश निरस्त
- एडीजे कोर्ट ने सीजेएम कोर्ट के फैसले को अवैध, औचित्यहीन और शक्तियों का दुरुपयोग बताया।
- सोना फिर से जब्त करने के निर्देश
- थानाधिकारी को 5 दिन में सोना जब्त कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया।
- याचिकाकर्ताओं पर सवाल
- एडीजे कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता अदालत में पेश नहीं हुआ और कई तथ्यों को छिपाया।
- मामले को उच्च न्यायालय तक भेजने के निर्देश
- इस आदेश की एक प्रति जोधपुर उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार और सतर्कता विंग को भेजने के निर्देश दिए गए।
अभियुक्तों के नाम और भूमिका
| अभियुक्त का नाम | भूमिका |
|---|---|
| हकीमुद्दीन बहरीवाला | मुख्य अभियुक्त, ट्रस्ट में सोना गबन करने का आरोप। |
| बुरहान | सह-अभियुक्त, गबन में सहयोगी। |
| निखिल दामड़िया | याचिका दायर कर सुनवाई की मांग की थी। |
| हकीम कलकता | सोना वापस देने से पहले सुनवाई की मांग की। |
बोहरा समाज में आक्रोश
- फखरी करजन हसना ट्रस्ट से जुड़ी धोखाधड़ी के इस मामले से बोहरा समुदाय में नाराजगी है।
- समाज के कई नेताओं ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।
- ट्रस्ट की साख को लेकर भी सवाल उठे हैं।

