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ग्रीष्मावकाश कटौती पर भड़का शिक्षक वर्ग, 8 अप्रैल को प्रदेशभर में होगा प्रदर्शन—सरकार को चेतावनी

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24 News Update उदयपुर। राजस्थान में ग्रीष्मावकाश में कटौती के फैसले ने अब तूल पकड़ लिया है। राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने इसे शिक्षकों और विद्यार्थियों के हितों पर सीधा कुठाराघात बताते हुए 8 अप्रैल को प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान कर दिया है। सुखाड़िया समाधि पर आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेशाध्यक्ष शेर सिंह चौहान ने सरकार और शिक्षा विभाग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विभाग अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए शिक्षकों पर अव्यवहारिक फैसले थोप रहा है। आज भी हजारों शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जा रहा है, जबकि स्कूलों में शिक्षकों और व्याख्याताओं के हजारों पद खाली पड़े हैं। जर्जर भवनों और संसाधनों की कमी के बीच शिक्षा की गुणवत्ता समय बढ़ाने से नहीं, बल्कि व्यवस्था सुधारने से आएगी।
चौहान ने चेताया कि 21 जून से 30 जून के बीच प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 45 से 50 डिग्री तक पहुंचता है और लू का प्रकोप रहता है, ऐसे में विद्यालय खोलना विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है। संघ ने सरकार से 21 जून से स्कूल खोलने के आदेश को वापस लेकर पूर्व की तरह 1 जुलाई से संचालन शुरू करने की मांग की है।
बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ कि 8 अप्रैल को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें ग्रीष्मावकाश कटौती वापस लेने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के 12 वर्षों से लंबित स्थानांतरण शुरू करने, 6 सत्रों से अटकी डीपीसी जल्द कराने, रिक्त पदों को भरने, गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, जर्जर स्कूलों की मरम्मत, पुरानी पेंशन योजना जारी रखने और टेट अनिवार्यता से छूट जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
बैठक में कमलेश शर्मा, अरविन्द मीणा, सतीश जैन, सुभाष विश्नोई, सोहन गरासिया, सुरेश खंडारिया, ईश्वर सिंह राठौड़, प्रेम बैरवा, सुरेश गरासिया, लोकेश डामोर, भानु प्रताप सिंह, मुकेश जैन, सीमा शर्मा, बबिता चौधरी, सरिता मीणा, हितेन्द्र दवे, गार्गी, सीमा डाबरिया, महेश वर्मा, देवेन्द्र सिंह राठौड़, राजेश शर्मा, चेतराम मीणा, रईस खान, देवेन्द्र सिंह नरुका और अमित कल्याण सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

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