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थर्मल प्लांट हादसे के बाद समझौता, पत्नी को आजीवन पेंशन, 5 लाख मुआवजा

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24 News Update बांसवाड़ा। दाहोद मार्ग स्थित औद्योगिक क्षेत्र में सिंटेक्स मिल के थर्मल पावर प्लांट में हुए हादसे के बाद उत्पन्न विवाद शुक्रवार को समझौते के साथ समाप्त हो गया। मिल प्रबंधन और मृतक के परिजनों के बीच लंबी वार्ता के बाद सहमति बनी, जिसके बाद पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
राजतालाब थाना पुलिस के अनुसार, समझौते के तहत मृतक की पत्नी को 5 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा, साथ ही परिवार के भरण-पोषण के लिए 15 हजार रुपए प्रतिमाह आजीवन पेंशन देने पर भी सहमति बनी है। इस निर्णय के बाद करीब 28 घंटे से जारी विरोध समाप्त हुआ।
गौरतलब है कि हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव लेने से इनकार कर दिया था और मिल गेट पर धरना देकर उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे। गुरुवार रात से शुरू हुआ यह विरोध शुक्रवार दोपहर तक जारी रहा। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया था।
मामला गुरुवार सुबह का है, जब गणाऊ निवासी 30 वर्षीय मोहन खराड़ी थर्मल प्लांट में मशीन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे। बताया गया कि बॉयलर में कोयला डालते समय अचानक चालू हुई कन्वेयर बेल्ट की चपेट में आने से वह मशीन में फंस गए। गंभीर चोटों के चलते उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों का आरोप था कि मिल प्रबंधन ने उन्हें समय पर सूचना नहीं दी और सीधे शव को मॉर्च्युरी भिजवा दिया, जिससे आक्रोश और बढ़ गया।
मृतक अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे 7 माह की गर्भवती पत्नी और 3, 5 व 8 वर्ष की तीन बेटियां हैं। घटना के बाद परिवार पर आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मौके पर पर्याप्त स्टाफ या हेल्पर होता, तो संभवतः हादसा टल सकता था।
पुलिस के अनुसार, समझौते के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार जारी रहेगी।

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