उदयपुर। बेदला के खटीकवाड़ा में दर्दनाक सड़क हादसे में आज एक 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। इसके बाद से आक्रोशित हुए परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जोरदार प्रदर्शन किया, नारेबाजी हुई व आला अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की गई। रास्ता जाम कर करीब छह घंटे तक प्रदर्शन किया। मांग थी कि 50 लाख का मुआवजा दिया जाए और परिजन को सरकारी नौकरी दी जाए। इसके बाद देर शाम मुआवजे पर सहमति बनने के बाद जाम हटाया गया। बताया जा रहा है कि ठेकेदार की ओर से राशि दी गई है व अन्य सहायता पर समझौता हुआ है। शव को मोर्चरी में रखवाया है।
बाजार जाते समय हुआ हादसा
आपको बता दें कि दोपहर करीब 1:15 बजे बेदला में रहने वाले सत्यनारायण सोलंकी (45) पैदल बाजार के लिए घर से रवाना हुए। सापेटिया से फतहपुरा की ओर बढ़े ही थे कि अचानक वहां पर बजरी से भरे डंपर ने सोलंकी को जोरदार टक्कर मार दी। मौके पर ही सोलंकी की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक को लोगों ने पकड़ लिया व धुनाई करने के बाद पुलिस को सौंप दिया। हादसे के बाद परिजन मौके पर पहुंचे तो रो रोकर बेहाल हो गए।
शव सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन
जैसे ही हादसे की सूचना मिली, आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। शव को को सड़क पर रखकर लोगों ने जाम लगा दिया। प्रदर्शन करने लगे व पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग पर खूब जमकर नारेबाजी करने लगे। सुखेर थाना पुलिस सहित अन्य थानों का जाब्ता मौके पर पहुंचा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों से लगातार समझाइश की, लेकिन मुआवजे पर बात नहीं बन सकी। ग्रामीणों ने पुलिस से कहा कि मृतक एकमात्र परिवार में कमाने वाला था। आर्थिक स्थिति कमजोर है। सत्यनारायण सोलंकी की उनके घर के बाहर ही पंचर की दुकान थी। परिवार में दो बेटे हैं,जबकि पत्नी प्राइवेट नौकरी करती है।
मुआवजे के बाद हटाया जाम
शाम करीब साढे सात बजे बजे डंपर मालिक की ओर से अपुष्ट सूत्रों के अनुसार 3 लाख का तत्काल मुआवजा दिए जाने पर बनी बन गए। बड़गांव तहसीलदार हितेश त्रिवेदी मौके पर पहुंचे व सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।

